"बहुत बहादुर": कैप्टन स्मिथ मछ्छर के साहस की सराहना, कॉकपिट घटना की जांच की मांग

Lov Singh1 October 20263 min read0 viewsEnglish
"बहुत बहादुर": कैप्टन स्मिथ मछ्छर के साहस की सराहना, कॉकपिट घटना की जांच की मांग

दुबई से तेल अवीव जा रहे Flydubai की उड़ान FZ1073 में हुई कॉकपिट की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस घटना में भारतीय पायलट कैप्टन स्मिथ मछ्छर (Captain Smit Machchhar) के साहस की सराहना करते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने उन्हें "बहुत बहादुर" बताया है। रंधावा ने इस घटना को कॉकपिट रिसोर्स मैनेजमेंट (CRM) की एक बड़ी विफलता करार दिया है और मामले की गहन जांच की मांग की है।

कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प और विमान का आपातकालीन लैंडिंग

यह घटना तब हुई जब विमान इजराइल से महज 250 से 300 किलोमीटर दूर था। जानकारी के अनुसार, कॉकपिट के भीतर दो पायलटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके कारण विमान को सऊदी अरब के ताबुक (Tabuk) में डायवर्ट करना पड़ा। इस झड़प में कैप्टन स्मिथ मछ्छर गंभीर रूप से घायल हो गए।

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कैप्टन रंधावा ने बताया कि इस घटना के दौरान विमान की स्थिति बेहद गंभीर थी। उन्होंने कहा, "यह कॉकपिट रिसोर्स मैनेजमेंट की पूर्ण विफलता है। ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई, इसकी जांच होनी चाहिए। हमने पायलटों को कभी ऐसी स्थिति के लिए प्रशिक्षित नहीं किया है।"

विमान की खतरनाक गिरावट और तकनीकी जोखिम

घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में भारी गिरावट देखी गई। विमान 34,000 फीट से गिरकर मात्र डेढ़ मिनट में 17,000 फीट पर आ गया। रंधावा के अनुसार, विमान की उतरने की गति इतनी तेज थी कि उसने विमान की निर्धारित अधिकतम गति (VMO) को पार कर लिया था।

  • खतरनाक गिरावट: विमान ने लगभग 12,000 से 14,000 फीट प्रति मिनट की दर से ऊंचाई खोई।
  • तकनीकी खतरा: अत्यधिक गति के कारण विमान का रडर (rudder) हिस्सा टूट गया। यदि गति थोड़ी और बढ़ती, तो विमान के पंख टूट सकते थे और वह क्रैश हो सकता था।
  • इमरजेंसी कोड: विमान ने पहले 7700 (आपातकाल) और फिर 7500 (हाईजैकिंग का संकेत) कोड प्रसारित किया था।

कैप्टन स्मिथ मछ्छर की बहादुरी की मिसाल

कैप्टन रंधावा ने कैप्टन स्मिथ मछ्छर के पेशेवर कौशल और साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यदि यह सच है कि एक पायलट ने आत्महत्या करने या विमान को गिराने की कोशिश की और कैप्टन स्मिथ ने उसे काबू में किया, तो यह भारतीय पायलटों के लिए गर्व की बात है।

"प्रोफेशनली वे बहुत अच्छे थे। उन्होंने जो किया वह वास्तव में बहुत बहादुरी का काम था," रंधावा ने कहा। हालांकि, उन्होंने यह भी संभावना जताई कि विमान को अंततः तीसरे पायलट द्वारा सुरक्षित उतारा गया होगा, क्योंकि कैप्टन स्मिथ घटना के बाद बेहोशी की हालत में पाए गए थे।

चश्मदीदों के अनुसार कॉकपिट का खौफनाक मंजर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉकपिट के पास वॉशरूम में मौजूद एक महिला यात्री ने अंदर से तेज शोर और चीखें सुनीं, जिसके बाद उन्होंने क्रू को सूचित किया। जब चालक दल अंदर पहुँचा, तो उन्होंने देखा कि दोनों पायलटों के शरीर पर खून लगा हुआ था और वे लगभग बेहोश थे।

इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन रंधावा ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सऊदी अरब की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (Civil Aviation Authority) इसकी जांच कर रही है। फिलहाल इसे आतंकी हमले के रूप में देखना केवल एक अफवाह है, जब तक कि आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती।

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