कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत में सुधार, अबू धाबी के अस्पताल में रिकवर कर रहे हैं जांबाज पायलट

फ्लाईदुबाई की उड़ान के दौरान अपने ही को-पायलट के हमले का शिकार हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत में अब सुधार दिख रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पुष्टि की कि अबू धाबी के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और वे तेजी से रिकवर कर रहे हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय राजनयिक अधिकारी स्थानीय प्रशासन और डॉक्टरों की टीम के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि उन्हें बेहतरीन इलाज मिल सके।
कैप्टन स्मित को सऊदी अरब में प्राथमिक उपचार मिलने के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए अबू धाबी लाया गया था। यूएई में भारतीय दूतावास ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है और वे धीरे-धीरे अपनी सेहत वापस पा रहे हैं। दूतावास ने उनके परिवार और डॉक्टरों के साथ तालमेल बिठाने और हर संभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
साहस की मिसाल: 174 यात्रियों की बचाई जान
यह पूरा मामला 30 सितंबर को फ्लाईदुबाई की फ्लाइट FZ1073 (दुबई-तेल अवीव) के दौरान सामने आया था। उड़ान के दौरान ओमान के को-पायलट हमम अल-हमामी ने कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित पर हमला कर दिया, जिसका मकसद विमान को नीचे गिराना था। इस हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिला, जिन्होंने हमलावर को काबू में किया और विमान को सुरक्षित मोड़ा गया।
उनकी इस बहादुरी से 174 यात्रियों की जान बची, जिसकी पूरी दुनिया में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉल के जरिए कैप्टन स्मित से बात की और उनके साहस और सूझबूझ की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत वह देश है जहां लोग दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं।
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान भावुक हुए कैप्टन स्मित ने बताया कि जब भी वह किसी मुश्किल में होते हैं, तो हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और इस हमले के दौरान भी वह हनुमान चालीसा ही पढ़ रहे थे। उन्होंने पीएम मोदी को अपना आदर्श बताया और इस बातचीत को अपने जीवन का एक बेहद खास पल करार दिया।