विमान अपहरण की कोशिश को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छड़ को मिलेगा इजरायल का राष्ट्रपति पुरस्कार

हवा में मौत से जूझते हुए सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छड़ की बहादुरी को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग ने घोषणा की है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को एक बड़े हादसे और अपहरण से बचाने के लिए कैप्टन स्मित मच्छड़ को 'प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से नवाजा जाएगा।
यह पूरा मामला पिछले हफ्ते का है, जब विमान के कॉकपिट में एक भयानक संघर्ष हुआ। जानकारी के मुताबिक, ओमान के सह-पायलट हमम अल-हमामी ने अचानक कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और विमान को नीचे गिराने की कोशिश की। इस हमले में स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गंभीर चोटों के बावजूद, उन्होंने सूझबूझ दिखाई और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्री और अन्य क्रू सदस्य अंदर आ सके और हमलावर को काबू में किया जा सके।
16,000 फीट की गिरावट और जांबाज पायलट का साहस
इस संघर्ष के दौरान विमान अचानक करीब 16,000 फीट नीचे गिर गया, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, कैप्टन स्मित की प्रोफेशनल कुशलता और साहस की वजह से विमान को सुरक्षित संभाला गया और अंत में सऊदी अरब के तबुक में इसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी 180 लोग सुरक्षित बच गए।
राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग ने उन छह इजरायली यात्रियों को भी पदक प्रदान किए जिन्होंने इस संकट के समय मदद की थी। राष्ट्रपति ने स्मित मच्छड़ के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। उन्होंने कहा, "जैसे ही कैप्टन स्मित पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, मुझे इजरायल की जनता की ओर से उन्हें यह सम्मान देने का सौभाग्य मिलेगा।"
फिलहाल कैप्टन स्मित अबू धाबी के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि उनकी सेहत में सुधार हो रहा है और वह उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दूतावास उनके परिवार और डॉक्टरों के साथ लगातार संपर्क में है।