Captain Smit Machchhar: "Just do it... door is right there"

Pankhuri Motani2 October 20262 min read0 viewsUAE
Captain Smit Machchhar: "Just do it... door is right there"

आसमान की ऊंचाइयों पर जब मौत सामने खड़ी हो और चंद सेकंड में जिंदगी और मौत का फैसला करना हो, तो असली हीरो वही बनते हैं जिनका जिगर फौलादी होता है। कुछ ऐसा ही अदम्य साहस दिखाया भारतीय पायलट कैप्टन स्मीत मच्छड़ ने, जिन्होंने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा विमान हादसा टाल दिया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान एक अप्रत्याशित और खौफनाक पल आया, जब को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मीत ने हार नहीं मानी और अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों यात्रियों की जिंदगी बचा ली।

पीएम मोदी से हुई फोन पर खास बातचीत

इस वीरतापूर्ण घटना के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मीत मच्छड़ से फोन पर बातचीत की और उनकी जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग सिर्फ जान लेना नहीं, बल्कि जान बचाना जानते हैं। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मीत ने उस डरावने पल को याद करते हुए बताया कि हमले के बाद जब वह फर्श पर गिर गए थे, तो उनके 17 साल के उड़ान अनुभव ने उन्हें अहसास करा दिया था कि विमान नीचे जा रहा है।

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उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया, "जब मैं फर्श पर था, तो मुझे लगा कि विमान नीचे जा रहा है। मैंने खुद से कहा—यह तुम्हारा आखिरी प्रयास है स्मीत, बस कर दो, दरवाजा वहीं है। भले ही मुझ पर लगातार वार हो रहे थे, लेकिन मैंने किसी तरह दरवाजा खोल दिया।" कैप्टन ने नम आंखों से यह भी बताया कि उस मुश्किल घड़ी में उन्होंने खुद को शांत रखने के लिए लगातार हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उन्होंने कहा कि वह अपने दो साल के बेटे के साथ भी रोज हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और विदेश में रहने के बावजूद उनका परिवार अपनी संस्कृति से जुड़ा हुआ है।

देश को गर्व, मिला 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार'

प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन के धैर्य, संयम और तुरंत लिए गए फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि पूरा देश उनकी इस बहादुरी पर गर्व महसूस कर रहा है। पीएम ने उनसे कहा कि जब भी जरूरत हो, वह सिर्फ एक फोन कॉल की दूरी पर हैं और पूरा भारत उनके स्वस्थ होकर लौटने का इंतजार कर रहा है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने इस संकट की घड़ी में मदद के लिए सऊदी अरब और यूएई की सरकारों का भी आभार व्यक्त किया।

यूएई के एक अस्पताल में अपनी चोटों से उबर रहे कैप्टन स्मीत ने पूरी उम्मीद जताई है कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटेंगे। उनकी इस असाधारण वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उन्हें 'विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार' से सम्मानित करने की घोषणा की है।

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