हवाई जहाज के कॉकपिट में हुए हमले के बीच बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट स्मित मछार को यूएई ने नवाजा
दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में हुए हमले के दौरान बहादुरी दिखाने के लिए कैप्टन स्मित मछार को यूएई ने सम्मानित किया।

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को उनकी बहादुरी के लिए 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें विमान के कॉकपिट में हुए एक हिंसक हमले के दौरान सूझबूझ दिखाने के लिए दिया गया है।
अबू धाबी में 27 और 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक समारोह में यह पुरस्कार दिया गया। दुबई के क्राउन प्रिंस, डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की ओर से यह सम्मान कैप्टन मछार और उनके फ्लाईदुबई क्रू को सौंपा।
यह पूरी घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान एक ओमान निवासी को-पायलट ने अचानक कॉकपिट के अंदर कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया। हमलावर ने इमरजेंसी कुल्हाड़ी से कैप्टन पर कई वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी फ्रैक्चर हो गई और सिर में गंभीर चोटें आईं।
जानलेवा चोटों के बावजूद कैप्टन मछार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे विमान के क्रू और यात्रियों को मौका मिला कि वे हमलावर को पकड़ सकें और एक बड़े विमान हादसे को टाला जा सके।
घटना के बाद जारी की गई मेडिकल तस्वीरों में चोट की गंभीरता साफ दिख रही है, जिसमें कैप्टन के सिर पर सर्जरी के गहरे निशान और स्टेपल्स नजर आ रहे हैं। इस मामले की समीक्षा करने वाले न्यूरोसर्जन ने बताया कि सर्जरी के दौरान मेडिकल टीम को बहुत बड़ा जोखिम उठाना पड़ा था। चोट एक प्रमुख सेरेब्रल वेन के पास थी, जिससे ऑपरेशन के दौरान जानलेवा ब्लीडिंग होने का खतरा था।