CBSE का बड़ा ऐलान, सात खाड़ी देशों के 12वीं के छात्रों के लिए विशेष परीक्षा का आयोजन.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने उन तमाम छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सुनाई है जो खाड़ी देशों में रहते हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते जिन बच्चों की 2026 की बोर्ड परीक्षाएं रद्द हो गई थीं और जिन्हें बाद में एक विशेष मूल्यांकन योजना के तहत अंक मिले थे, अब उनके लिए दोबारा परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले से यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन, ओमान और ईरान जैसे कुल सात वेस्टशियन देशों में रहने वाले भारतीय छात्रों को सीधा फायदा मिलने जा रहा है। बोर्ड के इस कदम से उन बच्चों की चिंता अब काफी हद तक कम हो गई है जो अपने पुराने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं थे और दोबारा अपना कौशल दिखाने का मौका चाहते थे।
इन विषयों की होगी परीक्षा और क्या है रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख
बोर्ड की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह विशेष परीक्षा कुल 40 विषयों के लिए आयोजित की जाएगी। इसमें 20 विषय एकेडमिक यानी पढ़ाई से जुड़े हैं और बाकी 20 विषय स्किल-बेस्ड यानी कौशल पर आधारित रखे गए हैं। इन विषयों में इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, गणित, एप्लाइड गणित, जीव विज्ञान, बिजनेस स्टडीज, अंग्रेजी कोर, कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, बैंकिंग, इंश्योरेंस, टूरिज्म, हेल्थकेयर, मार्केटिंग और फूड प्रोडक्शन जैसे तमाम मुख्य विषय शामिल किए गए हैं। ये परीक्षाएं बिल्कुल वैसे ही उन देशों में आयोजित होंगी जहां छात्र पहले से रजिस्टर्ड थे। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन विंडो 22 सितंबर 2026 से लेकर 26 सितंबर 2026 तक पूरी तरह खुली रहेगी। CBSE ने बहुत साफ शब्दों में यह बता दिया है कि इस तय की गई आखिरी तारीख को आगे बिल्कुल नहीं बढ़ाया जाएगा और न ही इन परीक्षाओं के लिए छात्रों से किसी भी तरह की कोई परीक्षा फीस ली जाएगी।
इन नियमों का रखना होगा खास ध्यान और नहीं मिलेगा बदलाव का मौका
इस विशेष परीक्षा में बैठने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी बोर्ड की तरफ से तय की गई हैं। केवल वही नियमित और प्राइवेट छात्र इसके लिए पात्र माने जाएंगे जिनका रजिस्ट्रेशन साल 2026 की मुख्य परीक्षा के लिए हुआ था और जिनका रिजल्ट विशेष असेसमेंट स्कीम के तहत घोषित किया गया था। जो छात्र अपनी किसी व्यक्तिगत वजह से पिछले सत्र में परीक्षा छोड़ गए थे या जिनका रजिस्ट्रेशन साल 2026 की परीक्षाओं के लिए नहीं हुआ था, वे इस बार इस सत्र में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इसके अलावा बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि एक बार फॉर्म भरने के बाद छात्र न तो कोई नया विषय जोड़ सकेंगे और न ही अपने विषयों में किसी प्रकार का बदलाव कर सकेंगे। बोर्ड के अनुसार इन विशेष परीक्षाओं में जो भी अंक छात्र प्राप्त करेंगे, उन्हें ही अंतिम माना जाएगा और वे पुराने असेसमेंट वाले रिजल्ट की जगह ले लेंगे। छात्रों के पास पुराने और नए अंकों में से किसी एक को चुनने का कोई भी विकल्प नहीं दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विस्तृत डेटशीट जारी करेगा। यह पूरा फैसला सुप्रीम कोर्ट में चली लंबी कानूनी कार्यवाही और छात्रों की मांग के बाद लिया गया है, जिसके संबंध में बोर्ड ने अपनी 15 सितंबर 2026 की नोटिफिकेशन में पूरी जानकारी दी थी। सभी स्कूलों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे आगे बढ़कर अपने सभी योग्य छात्रों की इस प्रक्रिया में पूरी मदद करें ताकि किसी भी बच्चे का भविष्य अधर में न लटके।