Gulf में तनाव बढ़ा, CENTCOM ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी तेज की, 92 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट।

Sushma Kumari6 September 20263 min read44 viewsWorld
Gulf में तनाव बढ़ा, CENTCOM ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी तेज की, 92 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट।

खाड़ी देशों के समुद्र में तनाव उस समय और ज्यादा बढ़ गया जब अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने एक बड़ा बयान जारी किया। अमेरिकी अधिकारियों ने यह कंफर्म किया कि फारस की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रीय पानी में ईरान के खिलाफ लागू की गई समुद्री नाकेबंदी को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जा रहा है। इस सख्त कार्रवाई के तहत अमेरिकी सुरक्षा बलों ने अब तक कुल 92 कमर्शियल जहाजों के रूट को बदल दिया है, यानी उन्हें सुरक्षित रास्तों की तरफ डायवर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा, ईरान की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए अमेरिकी बलों ने तीन जहाजों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया है और दो जहाजों पर चढ़कर उनकी तलाशी भी ली है। इस पूरे इलाके में अमेरिकी वायु सेना के F-35A स्टीथ फाइटर जेट लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

ओमान की खाड़ी में ईरानी ऑयल टैंकर पर हुआ हमला

क्षेत्रीय तनाव के बीच 6 सितंबर 2026 को ओमान की खाड़ी में एक बड़ी घटना सामने आई। अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के एक ऑयल टैंकर जिसका नाम M/T Kylo था, उसे समंदर में ही डुबो दिया। CENTCOM के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह टैंकर एक ऐसे बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था जो अरबों डॉलर की फंडिंग सीधे तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को मुहैया कराता था। इस कार्रवाई से ठीक पहले भी अमेरिका ने इसी दिन तीन अन्य ईरानी ऑयल टैंकरों को निशाना बनाकर हमले किए थे। अमेरिकी सेना का यह कदम तब उठाया गया जब ईरान की तरफ से लगातार ऐसी हरकतें की गईं जिनमें एक अमेरिकी विमान वाहक पोत और एक गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पोत को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।

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ईरान की तरफ से मिला कड़ा और तीखा चेतावनी संदेश

अमेरिका की इस आक्रामक कार्रवाई के जवाब में ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने एक बहुत ही औपचारिक और सख्त चेतावनी जारी की है। ईरानी सेना ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका की यह समुद्री नाकेबंदी ऐसे ही जारी रहती है, तो अमेरिकी युद्धपोतों पर होने वाले हमले पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक और कठोर होंगे। इस चेतावनी के तुरंत बाद ईरान ने क्षेत्र में छह जहाजों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करने का भी ऐलान कर दिया। ईरानी बलों ने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन ऑयल टैंकरों को और तीन अन्य जहाजों को निशाना बनाया, जिन्हें ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका से जुड़ा हुआ बताया था।

फरवरी 2026 से चल रहा है यह बड़ा विवाद

खाड़ी देशों में चल रहा यह मौजूदा संकट रातों-रात पैदा नहीं हुआ है, बल्कि इसकी शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी जब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे और उसके जवाब में ईरान ने भी काउंटर-अटैक किए थे। इसके बाद, शांति वार्ताएं पूरी तरह से विफल हो गईं और 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की इस नाकेबंदी की घोषणा कर दी थी। हालांकि बीच में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से जून के महीने में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी हुए थे, ताकि किसी तरह से लड़ाई को रोका जा सके। लेकिन दोनों देशों ने एक-दूसरे पर इस समझौते के नियमों का पालन न करने का गंभीर आरोप लगाया। हालात इतने खराब हुए कि अमेरिका ने पहले 18 जून को इस नाकेबंदी को अस्थायी तौर पर रोक दिया था, लेकिन बाद में हालात को देखते हुए इसे दोबारा 14 जुलाई को फिर से लागू कर दिया गया। खाड़ी और समंदर के इन रास्तों पर लगातार मंडरा रहे खतरे से वहां रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के दिलों में भी चिंता बनी हुई है।

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