Strait of Hormuz पर छिड़ी जंग: CENTCOM ने ईरान के दावों को नकारा, कहा- रास्ता खुला है

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि यह जलमार्ग बंद है और पूरी तरह ईरान के नियंत्रण में है। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि समुद्री यातायात सामान्य रूप से जारी है और ईरान के दावे पूरी तरह "गलत" हैं।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस जलमार्ग से व्यावसायिक सामान और ऊर्जा की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के हो रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आवाजाही हो रही है, जो इस बात का सबूत है कि अमेरिका और उसके क्षेत्रीय साझेदार इस मार्ग पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।
ईरान की धमकियां और अमेरिका का पलटवार
यह विवाद तब गहराया जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक जनरल और कमांडर के सलाहकार मोहम्मदरेजा नकदी ने दावा किया कि ईरानी सशस्त्र बल इस जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण रखते हैं और वे "अवैध" माने जाने वाले ट्रांजिट रूटों को ब्लॉक करने का इरादा रखते हैं। इससे पहले, 4 अक्टूबर को ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने भी कहा था कि जब तक अमेरिका के साथ जून के अंतरिम समझौते की सात शर्तें पूरी नहीं होतीं, यह रास्ता बंद रहेगा।
दूसरी ओर, अमेरिका ने इन धमकियों को नजरअंदाज करते हुए अपनी ताकत दिखाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8 अक्टूबर को दोहराया कि यह जलमार्ग अमेरिका और अमेरिकी नौसेना के अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने वर्तमान नौसैनिक उपस्थिति को ईरानी हस्तक्षेप के खिलाफ एक प्रभावी अवरोध बताया। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि ईरान ने इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण खो दिया है और तेल निर्यात का स्तर अब संघर्ष-पूर्व आंकड़ों के करीब पहुंच रहा है।
इस तनाव के बीच, ईरान और ओमान के बीच एक स्थायी समुद्री टोल प्रणाली स्थापित करने को लेकर बातचीत चल रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने बताया कि दोनों देश "सुरक्षित" ट्रांजिट रूटों के भौगोलिक निर्देशांकों पर सहमत हुए हैं। वहीं, अंकारा में हुए शिखर सम्मेलन के बाद नाटो (NATO) नेताओं ने भी Strait of Hormuz में नौवहन की स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करने की अपील की है।