मध्य एशिया बना दुनिया का नया ट्रेड रूट, चीन और यूरोप के बीच आसान हुआ व्यापार.

Sushma Kumari19 September 20263 min read17 viewsWorld
मध्य एशिया बना दुनिया का नया ट्रेड रूट, चीन और यूरोप के बीच आसान हुआ व्यापार.

मध्य एशिया तेजी से दुनिया का एक बहुत बड़ा ट्रेड हब बनता जा रहा है, जिससे चीन, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच आपसी व्यापार और कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है। 19 सितंबर 2026 को अल जज़ीरा के पत्रकार ओसामा बिन जावेद ने रिपोर्ट दी कि ये नए और बड़े कॉरिडोर अलग-अलग देशों के बीच आपसी रिश्तों को और ज्यादा मजबूत कर रहे हैं। इस नई व्यवस्था से रूस और ईरान के पारंपरिक रास्तों पर निर्भरता कम हो रही है और व्यापारिक गतिविधियों के लिए नए तथा सुरक्षित विकल्प तैयार हो रहे हैं।

मिडिल कॉरिडोर प्रोजेक्ट और भारी निवेश का ऐलान

18 सितंबर 2026 को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन के दौरान बहुप्रतीक्षित “Middle Corridor” प्रोजेक्ट की घोषणा की। यूरोपीय संघ अपनी ग्लोबल गेटवे पहल के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों से कुल €12 billion तक का निवेश जुटाने की तैयारी कर रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य साल 2030 तक व्यापार के प्रवाह को तीन गुना बढ़ाना और सामान पहुंचाने के समय को काफी हद तक कम करना है। इन सभी लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने के लिए यूरोपीय आयोग बुल्गारिया के प्रधानमंत्री के साथ मिलकर एक खास क्षेत्रीय कनेक्टिविटी शिखर सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है।

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बुनियादी ढांचे पर करोड़ों डॉलर खर्च

यूरेशियन डेवलपमेंट बैंक यानी EDB के आंकड़ों के अनुसार इस समय मध्य एशिया में कुल 114 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं या तो चल रही हैं या फिर उन पर विचार किया जा रहा है, जिनकी कुल अनुमानित लागत $72 billion है। इस कुल राशि में से लगभग $46 billion अकेले सड़क विकास पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इसका 30% हिस्सा रेलवे के विस्तार के लिए सुरक्षित रखा गया है।

यातायात और माल ढुलाई की दक्षता में पहले ही काफी सुधार देखा जा चुका है। मिडिल कॉरिडोर, जिसे औपचारिक रूप से Trans-Caspian International Transport Route (TITR) के नाम से जाना जाता है, उस पर शिपिंग का समय पहले 38 से 53 दिन लगता था जो अब घटकर मात्र 18 से 23 दिन रह गया है। इस रास्ते पर माल पहुंचाने के समय को घटाकर 15 दिन करने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है। अगस्त 2026 तक कुल फ्रेट वॉल्यूम में 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाले ट्रांजिट में 55% और कंटेनर ट्रैफिक में 36% की भारी उछाल के साथ आंकड़ा 77,000 TEUs तक पहुंच गया है।

क्षेत्रीय व्यापार के आंकड़ों में बड़ा उछाल

क्षेत्रीय व्यापार के ये आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि पूरी अर्थव्यवस्था किस तेजी से बदल रही है। कजाकिस्तान के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने जानकारी दी कि इसी साल जनवरी से जून 2026 के दौरान शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO के सदस्य देशों के साथ कुल व्यापार $35.9 billion तक पहुंच गया, जिसमें पिछले साल की तुलना में 9.8% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, अकेले चीन और मध्य एशियाई देशों के बीच का आपसी व्यापार साल 2026 की पहली छमाही में बढ़कर $52.94 billion हो गया।

16 सितंबर 2026 को इटली और मध्य एशिया के कई देशों ने मिलकर अस्ताना में “B5+Italy” प्लेटफॉर्म की शुरुआत की ताकि औद्योगिक और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही अज़रबैजान भी साल 2026 के अंत तक एक नए डिजिटल कॉरिडोर फ्रेमवर्क को तैयार कर रहा है, जो आगे चलकर एक बड़े क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स डेटा हब के रूप में काम करेगा।

पाकिस्तान और अन्य देशों के नए वैकल्पिक रास्ते

दूसरी तरफ पाकिस्तान भी व्यापार के लिए नए रास्ते बना रहा है। वह चीन के रास्ते किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और ताजिकिस्तान से जुड़ने के लिए खुंजेराब दर्रे का इस्तेमाल कर रहा है। इसके साथ ही वह ईरान के साथ गब्द-रिम्दान बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान तक अपनी पहुंच बना रहा है ताकि अफगानिस्तान के रास्तों पर उसकी पुरानी निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सके।

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