नेपाल जलविद्युत परियोजना हादसा: पावर हाउस तक पहुंचने में लगेंगे अभी तीन दिन और

Sushma Kumari13 September 20263 min read14 viewsWorld
नेपाल जलविद्युत परियोजना हादसा: पावर हाउस तक पहुंचने में लगेंगे अभी तीन दिन और

नेपाल की महत्वपूर्ण चिलिमे जलविद्युत परियोजना के भूमिगत पावर हाउस तक पहुंचने की राह में अभी कई मुश्किलें बनी हुई हैं। सुरंग के भीतर भारी मात्रा में मलबा और कीचड़ जमा हो गया है, जिसे हटाने का काम लगातार युद्धस्तर पर चल रहा है। अधिकारियों और बचाव दल से मिली जानकारी के मुताबिक, यदि काम इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा तो सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने और मुख्य पावर हाउस तक का रास्ता साफ करने में कम से कम तीन दिन और का समय लग सकता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और राहत कार्यों में जुटे लोगों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि भीतर फंसे लोगों की सलामती को लेकर हर कोई फिक्रमंद है।

बचाव अभियान और मलबे को हटाने का काम

काठमांडू से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 13 सितंबर की है जब नेपाल की इस बड़ी जलविद्युत परियोजना की भूमिगत संरचना में हालात बिगड़ गए। सुरंग के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन की तरफ से लगातार बचाव अभियान चलाया जा रहा है। सुरंग के भीतर हालात इतने खराब हैं कि भारी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा होने के कारण बचाव दल के सदस्यों को आगे बढ़ने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलबा हटाने के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द रास्ता बनाया जा सके।

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इस पूरे बचाव अभियान में अपनी सेवाएं दे रहे सुरंग विशेषज्ञ और सांसद श्रीराम न्यौपाने ने मीडिया को बताया कि शनिवार सुबह 6 बजे से ही राहत कार्य में तेजी लाई गई है। सुरंग के अंदर जमा कीचड़ और मलबे को बाहर निकालने के लिए एक्स्काभेटर और व्हील लोडर जैसी भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। इन मशीनों के जरिए लगातार मलबा साफ करने का काम किया जा रहा है ताकि अंदर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

शनिवार शाम तक की प्रगति और आगे का अनुमान

सुरंग के भीतर चल रहे सफाई अभियान की जानकारी देते हुए विशेषज्ञ श्रीराम न्यौपाने ने बताया कि शनिवार की शाम तक की गई कड़ी मेहनत के बाद सुरंग के भीतर से लगभग 60 मीटर हिस्से का कीचड़ और मलबा सफलतापूक हटा लिया गया है। हालांकि, सुरंग का दायरा बड़ा है और अंदर अभी भी काफी मलबा जमा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि काम करने की यही गति बनी रहती है और किसी तरह की अन्य तकनीकी बाधा सामने नहीं आती है, तब भी सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगभग तीन दिन और लगातार खुदाई और सफाई करनी होगी।

चिलिमे जलविद्युत परियोजना की इस भूमिगत दुर्घटना के बाद से ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और परिजन अपने अपनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं। प्रशासन की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्य में जुटी हुई है और हरसंभव प्रयास किया जा रहा है कि बिना किसी और देरी के सुरंग के भीतर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं।

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