नेपाल के रसुवा में चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के पास रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, भारत और नेपाल की टीम जुटी.

नेपाल के रसुवा जिले में स्थित चिलिमे जलविद्युत परियोजना में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। नेपाल के लिए भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि भारतीय टीम और स्थानीय प्रशासनिक समन्वय के साथ रेस्क्यू का काम लगातार चल रहा है। इस आपदा से निपटने के लिए दोनों देशों की तकनीकी टीमें पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सके।
सुरंग के अंदर सुरक्षा और उपकरणों की तैनाती
भारत और नेपाल की संयुक्त तकनीकी टीम ने सुरंग के अंदर सुरक्षित तरीके से प्रवेश करने के लिए सुरक्षा रस्सी का कनेक्शन सफलतापूर्वक तैयार कर लिया है। सुरंग के अंदर भारी मात्रा में कीचड़ और गाद जमा हो गई है, जिसे बाहर निकालने के लिए घटनास्थल पर बड़ी क्षमता वाला मड पंप और एक जनरेटर भी पहुंचा दिया गया है। जलसरोकार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, पहुंच मार्ग का निर्माण करना और सुरंग के अंदर जमे लेदो तथा अन्य अवरोधों को हटाना इस समय सबसे बड़ी दो चुनौतियां बनी हुई हैं।
सड़क निर्माण और आगे की योजना
बचत अभियान को और अधिक सुगम बनाने के लिए नियंत्रित रॉक ब्लास्टिंग के माध्यम से सड़क निर्माण का काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि भारी उपकरणों को आसानी से घटनास्थल तक पहुंचाया जा सके। आवश्यक उपकरणों और बिजली की आपूर्ति की पूरी तैयारी के बाद, 8 सितंबर 2026 से शुरू होने वाले अतिरिक्त बचाव कार्य को अधिकतम तीन दिनों के भीतर पूरा किए जाने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
आपको बता दें कि यह पूरी परियोजना गत 26 अगस्त 2026 को आई अचानक बाढ़ के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हुई थी। इस भयानक प्राकृतिक आपदा की वजह से उत्तरी और मध्य नेपाल में कुल 1,344 लोगों की जान चली गई थी, जबकि राहत और बचाव कार्यों के दौरान 13,100 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया भी गया था। हालांकि, प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक 6 सितंबर 2026 तक 5,000 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं जिनकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।