चीन ने नेपाल के साथ व्यापारिक सीमा रसुवागढ़ी और तातोपानी अनिश्चितकाल के लिए की बंद, जानें पूरी बात.

Praggya Singh sabal1 September 20262 min read20 viewsWorld
चीन ने नेपाल के साथ व्यापारिक सीमा रसुवागढ़ी और तातोपानी अनिश्चितकाल के लिए की बंद, जानें पूरी बात.

चीन ने नेपाल के साथ अपने दो सबसे मुख्य व्यापारिक रास्तों को अचानक से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। 01 सितंबर को काठमांडू से मिली जानकारी के मुताबिक, लगातार बढ़ते बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है। चीन के इस फैसले से दोनों देशों के बीच होने वाले आयात और निर्यात पर बहुत बड़ा असर पड़ा है, जिससे आम व्यापारियों की चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है।

भोटेकोशी नदी की बाढ़ से भारी तबाही

मिली जानकारी के अनुसार, भोटेकोशी नदी में बहुत ही भयंकर बाढ़ आ गई थी। इस विनाशकारी बाढ़ की वजह से रसुवागढ़ी सीमा नाके के पास स्थित टिमुरे बाजार, सीमा शुल्क यानी कस्टम ऑफिस और आव्रजन यानी इमिग्रेशन ऑफिस समेत कई जरूरी इमारतें और संरचनाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं। स्थिति इतनी ज्यादा खराब हो गई कि वहां कामकाज चलाना किसी भी तरह से सुरक्षित नहीं बचा था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए चीनी प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एक अन्य प्रमुख व्यापारिक नाका तातोपानी को भी पूरी तरह से बंद करने का फैसला ले लिया।

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ल्हासा स्थित नेपाली महावाणिज्यदूत का बयान

इस पूरे मामले पर बात करते हुए ल्हासा में तैनात नेपाली महावाणिज्यदूत लक्ष्मी निरौला ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि जब तक लिपिङ क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाता, तब तक चीनी पक्ष की तरफ से व्यापारिक गतिविधियों को दोबारा शुरू किए जाने की कोई भी संभावना नहीं है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस दौरान आम यात्रियों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं लगाई गई है और वह पहले की तरह आ-जा सकेंगे।

अब केवल एक ही विकल्प बचा

रसुवागढ़ी और तातोपानी दोनों ही महत्वपूर्ण सीमा नाके बंद होने की वजह से अब नेपाल के सामने व्यापार को लेकर बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। नेपाल के लिए अब चीन के साथ व्यापार करने के वास्ते केवल कोरला सीमा नाका ही एकमात्र मुख्य व्यापारिक विकल्प के रूप में बचा हुआ है। इस स्थिति के कारण नेपाल के बाजारों में सामानों की आवाजाही धीमी होने की आशंका जताई जा रही है।

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