चीन-नेपाल सीमा पर बना विशाल ताल फटा, सुरक्षा के मद्देनजर बचाव अभियान स्थगित

चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित छोचेन खोला और पुरेपू त्साङ्पो नदी के संगम के पास बना एक बड़ा ताल अचानक फट गया है। इस घटना के सामने आने के बाद से सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है और दोनों देशों की सरकारों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। नेपाल के रसुवा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने चीनी पक्ष से इस ताल के फटने की आधिकारिक पुष्टि की है, जिसके बाद से इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बचाव अभियान क्यों किया गया स्थगित?
तिब्बत और नेपाल की सीमा पर ताल फूटने की खबर मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। संभावित खतरे को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट और अन्य सभी तटीय इलाकों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्य को तुरंत प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नेपाल सरकार ने एहतियात के तौर पर सभी बचाव दलों को घटनास्थल से कम से कम एक किलोमीटर दूर सुरक्षित स्थान पर हटने का सख्त आदेश जारी किया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
बाधा झील और बाढ़ का खतरा
यह खतरनाक ताल 26 अगस्त, 2026 को चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ और भूस्खलन के बाद बना था। चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने पहले ही इस बाधा झील और उसके टूटने के उच्च जोखिम को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की थी। मंत्रालय ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के लिए लेवल-IV आपातकालीन बाढ़ अलर्ट भी जारी किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम और पानी के स्तर पर लगातार नजर रखें ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सके। इस आपदा के कारण अब तक बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं जिनका रेस्क्यू ऑपरेशन फिलहाल रोक दिया गया है।