चीन और ओमान ने रणनीतिक साझेदारी को दी नई ऊंचाई, बीजिंग में हुई उच्च स्तरीय वार्ता
बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और सुल्तान हैथम बिन तारिक की मुलाकात में 14 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई।

बीजिंग: चीन और ओमान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 2 नवंबर, 2026 को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक का बीजिंग में स्वागत किया। साल 1978 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद किसी ओमान राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा है।
इस शिखर सम्मेलन में चीनी प्रीमियर ली कियांग और ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल बुसैदी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बातचीत के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और मध्य पूर्व की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं पर चर्चा की। राष्ट्रपति शी ने इस बात पर जोर दिया कि खाड़ी क्षेत्र को भू-राजनीतिक संघर्ष या बड़ी शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए।
क्षेत्रीय स्थिरता पर बात करते हुए दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी किया। इसमें अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए पूर्ण युद्धविराम और शांतिपूर्ण समाधान की मांग की गई है। चीन और ओमान ने वाशिंगटन और तेहरान दोनों से आग्रह किया है कि वे व्यापक परमाणु समझौते को लेकर फिर से बातचीत शुरू करें। इसके साथ ही, 호र्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 14 समझौता ज्ञापनों (MoUs), एक सहयोग प्रोटोकॉल और एक मुद्रा विनिमय (currency swap) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष अन्वेषण, लॉजिस्टिक्स, खाद्य सुरक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए किए गए हैं।
ये सभी समझौते ओमान के 'विज़न 2040' और उसके राष्ट्रीय डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्यक्रम के अनुरूप तैयार किए गए हैं। ओमान ने चीन के साथ एक तरजीही द्विपक्षीय व्यापार और निवेश समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी भी जताई है।
शिखर सम्मेलन के बाद बीजिंग ने घोषणा की है कि मध्य पूर्व के लिए उसका विशेष दूत झाई जुन इस महीने के अंत में ईरान, ओमान और सऊदी अरब का राजनयिक दौरा करेंगे।