48 साल में पहली बार चीन पहुंचे ओमान के सुल्तान, शी जिनपिंग से हुई बात, 14 समझौते

ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन के साथ 14 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा हुई।

Pankhuri Motani2 November 20262 min read0 viewsOman
48 साल में पहली बार चीन पहुंचे ओमान के सुल्तान, शी जिनपिंग से हुई बात, 14 समझौते

बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की दो दिवसीय राजकीय यात्रा की मेजबानी की। 2 नवंबर 2026 को समाप्त हुई यह यात्रा ऐतिहासिक रही, क्योंकि 1978 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के 48 वर्षों बाद पहली बार ओमान के राष्ट्राध्यक्ष ने चीन का दौरा किया है। सुल्तान के साथ ओमान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर और परिवहन, वाणिज्य एवं निवेश मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी बीजिंग पहुंचा था।

बैठकों के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्पष्ट किया कि खाड़ी क्षेत्र को बड़ी शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता या भू-राजनीतिक संघर्ष का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा की समस्याओं को सुलझाने और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए अरब देशों के साथ मिलकर काम करने की चीन की प्रतिबद्धता जताई।

दोनों देशों के बीच औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल वित्त और हरित विकास पर केंद्रित 14 सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। चर्चा के बाद जारी एक संयुक्त बयान में चीन और ओमान ने अमेरिका और ईरान से अपील की है कि वे अपने विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाएं, युद्धविराम करें और युद्ध की स्थिति को पूरी तरह रोकें।

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नेताओं ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से सुरक्षित और सामान्य नौवहन को बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया। फरवरी 2026 में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग पर काफी व्यवधान आया है।

राजनयिक प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए चीन के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि विशेष दूत झाई जुन नवंबर के मध्य में ईरान, ओमान और सऊदी अरब का दौरा करेंगे ताकि शांति वार्ता को बढ़ावा दिया जा सके। इसी बीच, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरानी अधिकारी अली बघेरी कानी से मुलाकात की और ईरान की संप्रभुता का समर्थन करते हुए संघर्ष के राजनीतिक समाधान का आग्रह किया।

2 नवंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, कतर की मध्यस्थता में चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत में अब तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।

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