चीन के विदेश मंत्री ने इजरायली राष्ट्रपति से वेस्ट बैंक में बस्तियां बसाना रोकने और गाजा को फिर से खोलने की मांग की

Gautam Sahu16 October 20262 min read0 viewsWorld
चीन के विदेश मंत्री ने इजरायली राष्ट्रपति से वेस्ट बैंक में बस्तियां बसाना रोकने और गाजा को फिर से खोलने की मांग की

बाकू (अजरबैजान): चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इजरायल से वेस्ट बैंक में जबरन बस्तियां बसाने की कार्रवाई को रोकने और वहां से हटने का आग्रह किया है। उन्होंने गाजा पट्टी में पूरी तरह से पहुंच बहाल करने की मांग की ताकि वहां गहराते मानवीय संकट को रोका जा सके।

वांग यी ने ये बातें अजरबैजान के बाकू में आयोजित सातवें 'कॉन्फ्रेंस ऑन इंटरेक्शन एंड कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मेजर्स इन एशिया' (CICA) शिखर सम्मेलन के दौरान इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्टजोग के साथ बैठक में कहीं।

चीनी पक्ष द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, वांग यी ने कहा कि सबसे पहली प्राथमिकता गाजा पट्टी तक पहुंच को फिर से खोलना है। उन्होंने जोर दिया कि इससे बीस लाख नागरिक, जो अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें मानवीय आपदा से बचाया जा सकेगा।

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विदेश मंत्री ने वेस्ट बैंक में बस्ती गतिविधियों को बंद करने की अपील करते हुए कहा कि फिलिस्तीन का मुद्दा मध्य पूर्व में स्थायी शांति के लिए सबसे अहम है। उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे को इस सदी का सबसे बड़ा ऐतिहासिक अन्याय बताया और कहा कि 'टू-स्टेट सॉल्यूशन' (दो-राष्ट्र समाधान) ही इसे सुलझाने का सही रास्ता है।

वांग यी के मुताबिक, क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और बिना संवाद और सुलह के स्थायी शांति संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और मेल-मिलाप को बढ़ावा देना चीन की मध्य पूर्व नीति का आधार है और बीजिंग अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर राजनीतिक समाधान निकालने के लिए तैयार है।

बैठक में उन्होंने कहा कि यहूदियों और फिलिस्तीनियों दोनों को शांति से रहने और स्वतंत्र राज्य स्थापित करने का अधिकार है। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा इस साल की शुरुआत से दिए गए शांति और सुरक्षा प्रस्तावों का भी जिक्र किया।

वहीं इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्टजोग ने चीन और इजरायल के बीच ऐतिहासिक संबंधों की बात की। उन्होंने विज्ञान, तकनीक, निवेश और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। हर्टजोग ने 'वन-चीन' नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और बीजिंग के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा देने की बात कही।

हर्टजोग ने मध्य पूर्व की स्थिति पर इजरायल का पक्ष रखते हुए कहा कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन उसे राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

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