यमन के अल-जौफ में गठबंधन के भीषण हवाई हमले, 82 हूती ठिकाने तबाह

यमन के अल-जौफ प्रांत में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अल-हज़्म के पश्चिम में स्थित अल-खसाफ और अल-अकशा क्षेत्रों में हूती विद्रोहियों की जमावटों और खाइयों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। ये हमले क्षेत्रीय तनाव में बढ़ोतरी के बीच किए गए हैं, जिसका मकसद हूती लड़ाकों की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालकी ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों के भीतर अल-जौफ, सादा, होडेइदा और मारिब प्रांतों में कुल 82 हूती सैन्य लक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। गठबंधन का कहना है कि यह कार्रवाई सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों पर हूतियों द्वारा किए गए हमलों का सीधा जवाब है।
निशाने पर कमांड सेंटर और मिसाइल डिपो
गठबंधन द्वारा जारी विवरण के अनुसार, इन हमलों में हूतियों के कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर, बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज फैसिलिटीज, संचार प्रणालियां, हथियारों के डिपो और लड़ाकों के इकट्ठा होने वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया। मेजर जनरल अल-मालकी ने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई हूतियों की लगातार उकसावे वाली हरकतों का नतीजा है, जिसमें 7 अक्टूबर को रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकना भी शामिल था।
दूसरी ओर, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेआ ने अलग दावा किया है। उनका कहना है कि हूती बलों ने पूर्वी अल-जौफ में सरकारी सैनिकों की बढ़त को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। सारेआ के मुताबिक, उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल कर सरकारी सैनिकों के जमावड़े पर हमला किया, जिसमें दर्जनों सैनिक मारे गए या घायल हुए और कई सैन्य वाहन तबाह हो गए।
गौरतलब है कि अल-जौफ क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से अस्थिरता बनी हुई है। इससे पहले 5 और 7 अक्टूबर को भी हूती बलों ने सऊदी समर्थित ठिकानों को निशाना बनाने और सामरिक बढ़त हासिल करने का दावा किया था, जिसके बाद अब यह सैन्य टकराव और अधिक हिंसक हो गया है।