गठबंधन सेना ने यमन में हूती मिलिशिया के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को नष्ट किया
गठबंधन सेना ने यमन में हूती मिलिशिया के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को तबाह किया। सऊदी अरब और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई की गई।

यमन: गठबंधन सेना ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को हूती मिलिशिया के खिलाफ एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन महत्वपूर्ण संसाधनों को नष्ट करना था, जिनका इस्तेमाल हूती मिलिशिया युद्ध जारी रखने के लिए कर रहा था।
इस ऑपरेशन में खासतौर पर उन बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया, जिनकी मदद से हूती समूह अपनी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को बढ़ा रहा था। गठबंधन सेना ने इन ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि यह मिशन हूती मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब और यमन में नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे निरंतर और व्यवस्थित हमलों का सीधा जवाब है।
अल-मल्की के मुताबिक, दक्षिणी लाल सागर में समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इस कार्रवाई का एक प्राथमिक कारण था। उन्होंने चेतावनी दी कि हूती मिलिशिया को अपनी सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बंद करनी होंगी, वरना उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए किए गए सभी ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के दायरे में रहकर किए जा रहे हैं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। अक्टूबर 2026 के अंत में रियाद और दक्षिणी सऊदी क्षेत्रों की ओर आने वाले कई ड्रोन और मिसाइलों को रोका गया था। गठबंधन अब मिलिशिया की सप्लाई लाइनों, मिसाइल स्टोरेज सुविधाओं और मोबाइल लॉन्चरों को खत्म करने की अपनी रणनीतिक कोशिशें जारी रखे हुए है।