भारत और रूस के बीच मजबूत हुई रक्षा साझेदारी, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की रूस यात्रा हुई पूरी.

भारतीय थल सेना प्रमुख यानी COAS General Dhiraj Seth की रूस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस दौरान दोनों देशों के बीच आपसी सैन्य सहयोग को और ज्यादा मजबूत करने पर विस्तार से बातचीत की गई। इस महत्वपूर्ण यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में तकनीकी विकास, सैनिकों के प्रशिक्षण का आदान-प्रदान, तोपखाने यानी आर्टिलरी का आधुनिकीकरण और मैदानी इलाकों के अनुभवों को आपस में साझा करना था। रूस की राजधानी मॉस्को में जनरल धीरज सेठ ने वरिष्ठ रूसी सैन्य अधिकारियों के साथ कई अहम बैठकें कीं और दोनों देशों के पुराने रिश्तों को एक नई दिशा दी।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से हुई खास मुलाकात
मॉस्को पहुंचने पर भारतीय सेना प्रमुख का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने रूस के उप रक्षा मंत्री General Yunus-Bek Yevkurov से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने, संयुक्त रूप से क्षमता विकसित करने और पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान पर सहमति बनी। रूसी लैंड फोर्सेस के मुख्यालय में भी सेना प्रमुख ने समकालीन सैन्य विकास पर चर्चा की और दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंधों को जमीन स्तर पर और गहरा करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
सेंट पीटर्सबर्ग की ऐतिहासिक सैन्य अकादमी का दौरा
अपनी इस यात्रा के दूसरे चरण में जनरल धीरज सेठ ने सेंट पीटर्सबर्ग का दौरा किया। वहां उन्होंने प्रसिद्ध Mikhailovskaya Military Artillery Academy का निरीक्षण किया और अकादमी के शिक्षकों से बातचीत की। इस दौरान सैनिकों के प्रशिक्षण के नए तरीकों और आर्टिलरी के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। इस यात्रा के दौरान भारतीय सेना प्रमुख को एक ऐतिहासिक और अनूठा सम्मान भी मिला। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग के ऐतिहासिक Peter and Paul Fortress में पारंपरिक तोप से गोला दागने की रस्म निभाई, जो दोनों देशों के बीच गहरे आपसी भरोसे और मित्रता का प्रतीक है।
शांति और शौर्य को किया नमन
अपनी यात्रा की शुरुआत में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मॉस्को स्थित अज्ञात सैनिकों के मकबरे यानी Tomb of the Unknown Soldier पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस तीन दिवसीय दौरे ने भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत किया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। इस पूरी यात्रा से यह बात साफ हो गई है कि दोनों देश वैश्विक मंच पर एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और सैन्य कूटनीति के जरिए आपसी रिश्तों को लगातार ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।