मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 103 डॉलर के पार पहुंची

दुनियाभर के ऊर्जा बाजारों में इन दिनों भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। मध्य पूर्व क्षेत्र में लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के चलते कच्चे तेल के दामों में जबरदस्त उछाल आया है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन संकट की चिंताएं फिर से गहरी होने लगी हैं।
ओपेक देशों का फैसला और बाजार का हाल
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के पीछे कई बड़े कारण जुड़े हैं। हाल ही में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत और ओमान सहित सात प्रमुख ओपेक प्लस देशों ने नवंबर महीने के लिए अपने मौजूदा उत्पादन को बनाए रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सऊदी अरामको ने एशियाई खरीदारों के लिए अपने प्रमुख क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले छह साल से अधिक समय की सबसे बड़ी कटौती की है। बाजार को स्थिर करने के लिए जी-7 देशों ने भी आपातकालीन रिजर्व से भारी मात्रा में क्रूड और डीजल बाजार में जारी करने का फैसला किया है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय हालात जल्द नहीं सुधरे, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का यह दौर और लंबा खींच सकता है।