Saudi Arabia में तकनीक का बड़ा कदम, LEAP 2026 में TLS को मिला 100 मिलियन रियाल का केबल परमिट.

सऊदी अरब की कम्युनिकेशंस, स्पेस एंड टेक्नोलॉजी कमीशन यानी CST ने देश के टेलीकॉम और इंटरनेट ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सम्मेलन LEAP 2026 के दौरान 3 सितंबर 2026 को टेक्निकल लिंक्स सर्विसेज यानी TLS को लैंडिंग स्टेशन और इंटरनेशनल केबल सर्विसेज का आधिकारिक परमिट दिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी सरकारी वेबसाइट Saudi Press Agency के माध्यम से सामने आई है।
टेलीकॉम सेक्टर में भारी निवेश और उम्मीदें
इस नियामक मंजूरी के बाद कंपनी की तरफ से बाजार में 100 मिलियन रियाल का भारी निवेश आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इस निवेश की मदद से कंपनी अंतरराष्ट्रीय केबल लैंडिंग स्टेशनों को स्थापित करने, उनका संचालन करने और उन्हें बेहतर तरीके से मैनेज करने का काम करेगी। इसके साथ ही यह कदम आम जनता और व्यवसायों को बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और क्षमता सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा। इस बारे में अधिक जानकारी CST Regulations पर देखी जा सकती है।
यह महत्वपूर्ण परमिट CST के लाइसेंसिंग विभाग के डायरेक्टर जनरल इंजीनियर माजेन अलनासर द्वारा TLS के चीफ रेगुलेटरी अफेयर्स एंड कंप्लायंस ऑफिसर इंजीनियर मोहम्मद अल दाफिरी को सौंपा गया। इस तरह के लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया 20 अप्रैल 2022 को बनाए गए लैंडिंग स्टेशनों और अंतरराष्ट्रीय केबल क्षमताओं के नियमों के तहत पूरी की जाती है। इन नियमों के अनुसार इस सेवा के लिए 100,000 रियाल का शुल्क तय किया गया है और इसे पूरा करने की समय सीमा 15 दिन निर्धारित की गई है, जिसकी पुष्टि CST Official Portal से होती है।
सऊदी विजन 2030 के तहत हो रहा है विकास
कमीशन का यह भी कहना है कि इस तरह के कदमों का मुख्य उद्देश्य देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है ताकि सऊदी अरब को टेलीकॉम, क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक बड़ा वैश्विक केंद्र बनाया जा सके। यह सभी प्रयास देश के जाने-माने सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों के बिल्कुल अनुरूप हैं। इसके अलावा LEAP 2026 के दौरान ही एक अन्य कार्यक्रम में CST ने नेशनल वाटर कंपनी को भी एक कैरियर सर्विसेज लाइसेंस जारी किया है, जिसमें 455 मिलियन रियाल के निवेश की उम्मीद है। इन दोनों पहलों को मिलाकर कुल संभावित निवेश अब बढ़कर 555 मिलियन रियाल हो गया है।