नेपाल में चक्रवात अर्नब का असर, भारी बर्फबारी और बारिश से सैकड़ों पर्यटक फंसे

चक्रवात अर्नब के कारण नेपाल में भारी बर्फबारी और बारिश हुई है, जिससे कंचनजंगा और मकालू बेस कैंप के रास्ते सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं।

Gautam Sahu30 October 20262 min read0 viewsWorld
नेपाल में चक्रवात अर्नब का असर, भारी बर्फबारी और बारिश से सैकड़ों पर्यटक फंसे

काठमांडू (नेपाल): चक्रवात अर्नब की वजह से बदले मौसम के मिजाज ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी शुरू कर दी है। ऊंचाई वाले इलाकों में हुई इस बर्फबारी के कारण सैकड़ों ट्रेकर्स और पर्यटक बीच रास्ते में ही फंस गए हैं, जिन्हें अब ऊंचे इलाकों के होटलों और लॉज में शरण लेनी पड़ रही है।

पर्यटन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड की वजह से ट्रेकिंग गतिविधियां पूरी तरह बाधित हो गई हैं। बेस कैंप की ओर जाने वाले और वहां से लौटने वाले पर्यटक अपनी यात्रा जारी रखने में असमर्थ हैं। ट्रेकिंग रूटों पर स्थित बस्तियों और होटलों में पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है और वहां ठहरने की सुविधाएं पूरी तरह भर चुकी हैं।

कंचनजंगा ट्रेल पर सैकड़ों घरेलू और विदेशी ट्रेकर्स फंस गए हैं। उत्तरी रूट के इतालितार, लामातार, अमजिलेसा, थांगिम, ग्याबला, फाले, घुंसा, खामबाचेन और लोनाक समेत दक्षिणी रूट के यमफुडिन, नया झोरेनी, तोरोंगडेन, सेराम और रामजे जैसी बस्तियों में पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। इस क्षेत्र में हल्की बारिश के साथ-साथ ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बर्फबारी दर्ज की गई है।

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अधिकारियों के मुताबिक, लुम्बुसुम्बा पास के रास्ते मकालू बेस कैंप की ओर जा रहे विदेशी पर्यटकों का एक समूह ओलांगचुंगोला में रुक गया है। ओलांगचुंगोला में मौजूद आधे पर्यटक इसी रूट से मकालू बेस कैंप जा रहे थे। वहीं, ओलांगचुंगोला के रास्ते सिंगजे जाने वाले घरेलू पर्यटक भी खराब मौसम के कारण आगे नहीं बढ़ पाए हैं।

सीमा सुरक्षा में तैनात सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय वार्ड कार्यालय ने नोटिस जारी कर लोगों को मौसम सुधरने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। मुख्य जिला अधिकारी उमेश कुमार दहल ने बताया कि जिले में अब तक आपदा से जुड़ी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने पुष्टि की कि कंचनजंगा क्षेत्र, विशेषकर ओलांगचुंगोला, घुंसा और यमफुडिन की बस्तियों और होटलों में लगभग 250 घरेलू और विदेशी पर्यटक ठहरे हुए हैं।

प्रशासन ने पर्यटकों को सुरक्षा को प्राथमिकता देने और मौसम का सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद ही ट्रेकिंग शुरू करने की सलाह दी है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय सरकारों के समन्वय से जरूरी एहतियात बरती गई हैं। दहल ने यह भी बताया कि स्थानीय निवासियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

राजधानी काठमांडू में भी रात भर बारिश हुई, जिससे घाटी के आसमान से धूल और प्रदूषण साफ हो गया है। हालांकि, बारिश के कारण पूरा शहर अब भी बादलों की चादर में लिपटा हुआ है।

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