नेपाल में भारी बाढ़ और तबाही के बाद दिल्ली प्रशासन हुआ सक्रिय, लापता लोगों की तलाश जारी.

नेपाल में आए भीषण नेपाल फ्लड और तबाही के बाद अब दिल्ली प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। दिल्ली के मुख्य सचिव Rajeev Verma ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों को यह निर्देश दिया है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर उन स्थानीय लोगों का पता लगाएं जो इस आपदा के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में चीन सीमा के पास बुधवार, 26 अगस्त 2026 को ग्लेशियर फटने की घटना के कारण यह बड़ी आपदा आई थी, जिसके बाद से राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
लापता नागरिकों की तलाश के लिए निर्देश
प्रशासन की तरफ से जारी आदेश के अनुसार सभी जिला अधिकारियों को प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स से संपर्क करने के लिए कहा गया है। यह पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली से कितने लोग इन ट्रेवल एजेंसियों के जरिए नेपाल घूमने गए थे और क्या किसी परिवार ने अपने किसी सदस्य के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। इस पूरी डेटा जुटाने की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य बचाव कार्यों में तेजी लाना और प्रभावित परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाना है। दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी है कि Mansarovar की यात्रा पर गए 25 दिल्लीवासी पूरी तरह सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। वहीं व्यक्तिगत तौर पर यात्रा पर गए अन्य लोगों की जानकारी जुटाने का काम अभी भी लगातार जारी है।
मंत्रालय और हेल्पलाइन नंबर
इस बड़ी आपदा को देखते हुए सुरक्षा के एहतियातन कदम उठाए गए हैं। इसके तहत दिल्ली और काठमांडू के बीच चलने वाली बस सेवाओं को सोमवार तक के लिए अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय यानी MEA ने दिल्ली में एक 24/7 कंट्रोल रूम बनाया है और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वे लापता लोगों की जानकारी साझा करें ताकि राहत कार्यों को आसान बनाया जा सके। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने मीडिया को बताया कि पनबिजली परियोजनाओं में काम करने वाले मजदूरों और पर्यटकों समेत कुल 288 भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। हालांकि तमिलनाडु के 21 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। वहीं नेपाल के विदेश मंत्री Shisir Khanal के मुताबिक लापता लोगों में लगभग 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने लोगों की मदद के लिए नए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 जारी किए हैं।
उत्तर प्रदेश और चीन की सीमा पर स्थिति
नेपाल की तरफ से बहकर आए तीन शव उत्तर प्रदेश के गांडक नदी से बरामद किए गए हैं, जिसके बाद नेपाल से सटे सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। दूसरी तरफ चीन के अधिकारियों ने भी एक बैरियर झील के टूटने की आशंका को लेकर चेतावनी दी है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण समेत कई संगठनों के विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति हाल ही में आए भूकंप के झटकों से जुड़ी हुई एक बर्फ और चट्टान के खिसकने की घटना के कारण पैदा हुई है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने इस संकट से निपटने के लिए USD 2 million की आपातकालीन राहत राशि जारी की है। दिल्ली विश्वविद्यालय का नेपालीज स्टूडेंट्स एसोसिएशन भी इस मुश्किल समय में लापता लोगों की तलाश और ट्रैकिंग में पूरी मदद कर रहा है।