नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, दिल्ली सरकार ने काठमांडू बस सेवा को किया सस्पेंड.

Praggya Singh sabal27 August 20263 min read56 viewsIndia
नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, दिल्ली सरकार ने काठमांडू बस सेवा को किया सस्पेंड.

नेपाल में आए भयानक प्राकृतिक संकट के बाद भारत की राजधानी दिल्ली से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने नेपाल जाने वाली मुख्य बस सेवा को फिलहाल रोक दिया है। नेपाल के रसुवा जिले में ग्लेशियर फटने की वजह से भीषण फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आ गई है, जिसने पूरे जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस आपदा के कारण काठमांडू जाने वाला नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है और रास्तों का नामोनिशान मिट गया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

कैसी है नेपाल में वर्तमान स्थिति और कितना हुआ नुकसान

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भयंकर आपदा में अब तक 359 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा बल लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि बचाव टीमों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस त्रास्दी में 1,300 से 1,500 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 667 लोग अभी तक अनअकाउंटेड हैं जिनमें 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस आपदा के बारे में ReliefWeb रिपोर्ट में पूरी जानकारी साझा की गई है।

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भारतीय नागरिकों की स्थिति और राहत कार्य

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी है कि नेपाल में फंसे 285 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क से बाहर हैं। हालांकि, प्रशासन ने राहत का काम तेजी से करते हुए 33 भारतीय कामगारों को सुरक्षित निकाल लिया है। नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अबी नारायण काफ्ले और अन्य अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नदियों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। इस भयानक बाढ़ के कारण नेपाल में भारी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 पुल, 40 किलोमीटर लंबी सड़कें और 12 पावर प्लांट पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। इसके अलावा, बाढ़ के पानी से एक नई झील का निर्माण हुआ है जिसके फटने का खतरा लगातार बना हुआ है। नेपाल विदेश मंत्रालय के ताजा अपडेट के अनुसार हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी है।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही है मदद

इस संकट की घड़ी में पड़ोसी देशों ने मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत की तरफ से राहत सामग्री के रूप में 10 टन आपूर्ति भेजी गई है, वहीं चीन की ओर से भी रेस्क्यू टीमें और मदद पहुंचाई जा रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 28 और 29 अगस्त 2026 के लिए 'इंडो-नेपाल मैत्री बस सेवा' को पूरी तरह से निलंबित कर दिया है। सड़क मार्ग ठीक होने और स्थिति सामान्य होने तक यह बस सेवा बंद रहेगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना हालात सुधरने के बाद ही बनाएं।

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