सिंगापुर के लिटिल इंडिया में दिवाली की धूम, रोशनी और बाजारों से सजा प्रवासी भारतीयों का इलाका
सिंगापुर का लिटिल इंडिया दिवाली की रोशनी और बाजारों से सज गया है। प्रवासी भारतीय यहां अपनी परंपराओं के साथ त्योहार मना रहे हैं।

सिंगापुर: दिवाली के त्योहार से पहले सिंगापुर का लिटिल इंडिया इलाका पूरी तरह से रोशनी और उत्सव के रंगों में डूब गया है। यहां के बाजारों में पारंपरिक कपड़ों, भारतीय मिठाइयों और बॉलीवुड संगीत की गूंज ने इस जगह को सांस्कृतिक केंद्र बना दिया है। सड़कों पर रंग-बिरंगी सजावट की गई है और दुकानों पर गहने, रंगोली का सामान, मूर्तियों और दीयों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
घर से हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह उत्सव अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहने का एक जरिया है। रोशनी, संगीत और खान-पान के जरिए उन्हें यहां अपने देश जैसा अहसास हो रहा है। इस उत्सव में केवल भारतीय ही नहीं, बल्कि अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग भी सिंगापुर की बहुसांस्कृतिक भावना के तहत हिस्सा ले रहे हैं।
प्रवासी भारतीय नवीन ने बताया कि सिंगापुर में दिवाली एक बहुत बड़ा त्योहार है जिसे वे अपने दोस्तों और परिवार के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात और दक्षिण भारत समेत सभी राज्यों के लोग एक साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं, जिससे ऐसा लगता है जैसे वे भारत में ही हों।
मनीष बेरलिया के मुताबिक, यहां की दिवाली भारत से अलग और अधिक रंगीन है, लेकिन यहां शोर कम होता है। उन्होंने बताया कि सितंबर की शुरुआत से नवंबर के अंत तक सड़कें मालाओं और दीयों से सजी रहती हैं, हालांकि यहां पटाखे चलाने की अनुमति नहीं है।
स्थानीय दुकानदार गणेश ने कहा कि भारत के किसी भी हिस्से से आने वाले लोगों के लिए दिवाली सबसे बड़ा त्योहार है और लोग खरीदारी के लिए उनकी दुकान पर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि त्योहार में अभी दो हफ्ते बाकी हैं और आने वाले 10 दिनों में भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।
विजय कुमार वेमुरी ने कहा कि वे यहां दिवाली ठीक वैसे ही मनाते हैं जैसे भारत में मनाते हैं। उन्होंने बताया कि लिटिल इंडिया में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में ज्यादातर भारतीय शामिल होते हैं और यहां त्योहार की जरूरत का हर सामान मिल जाता है।
इस साल दिवाली का त्योहार रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाएगा।