जिबूती प्रवासी नाव हादसा: 139 की मौत, 84 लापता

जिबूती: जिबूती के तट पर एक भयावह समुद्री हादसे में कम से कम 139 लोगों की मौत हो गई है। 8-9 अक्टूबर 2026 की रात ओबॉक के उत्तर में गुहेरे के पास प्रवासियों से भरी एक नाव पलट गई। हादसे में 15 बच्चे भी मारे गए हैं, जबकि 84 लोग अब भी लापता हैं। यह जिबूती के इतिहास के सबसे घातक जलयान हादसों में से एक माना जा रहा है।
नाव में 305 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इथियोपिया के नागरिक थे। ये लोग ईस्टर्न रूट के जरिए यमन पहुंचने की कोशिश में थे, जो प्रवासियों के बीच एक खतरनाक लेकिन जाना-पहचाना रास्ता है। अंतरराष्ट्रीय प्रवास संगठन (IOM) के मुताबिक मृतक बच्चों में नौ लड़कियां और छह लड़के शामिल हैं।
IOM के जिबूती में चीफ ऑफ मिशन एलेक्सांद्र कोइसाक ने बताया कि बचे हुए लोगों ने कहा कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोग थे और रवाना होने के कुछ ही देर बाद वह डूबने लगी। किनारे पर लाशें लगातार बहकर आने लगीं, जिससे स्थानीय अधिकारियों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया।
बचाव और राहत में जुटी टीमें
ओबॉक माइग्रेंट रिस्पॉन्स सेंटर में 64 बचे हुए लोगों को फिलहाल मनोवैज्ञानिक सहायता, इलाज, भोजन और अस्थायी आश्रय दिया जा रहा है। अब तक 82 बचे हुए लोगों की पहचान इथियोपिया के नागरिक के रूप में हुई है, और कुछ ने खुद को इथियोपिया के तिग्रे क्षेत्र से बताया है।
IOM की महानिदेशक एमी पोप ने दुनिया भर की सरकारों से सुरक्षित और कानूनी प्रवास के रास्ते बढ़ाने की अपील की है। उनका कहना है कि लोग ऐसे खतरनाक सफर तभी करते हैं जब उन्हें कोई और व्यवहार्य विकल्प नहीं दिखता। वहीं अफ्रीकी संघ आ