Doha Debates: खेल और राजनीति का खेल आया सामने, दोहा डिबेट्स में फुटबॉल की आज़ादी पर उठे बड़े सवाल.

खेल की दुनिया में राजनीति का साया हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। हाल ही में 'Doha Debates' सीरीज़ के दौरान इस बात पर लंबी चर्चा हुई कि क्या पेशेवर फुटबॉल को राजनीति से पूरी तरह अलग रखा जा सकता है। जानकारों का कहना है कि खेल और राजनीति का यह मेल पुराना है और इसे नकारना आसान नहीं है।
FIFA के नियम और तटस्थता का विवाद
फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA का साफ कहना है कि खेल में किसी भी तरह की राजनीतिक दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। FIFA के संविधान के आर्टिकल 2(2) और 15(c) के तहत सभी सदस्य संघों की आज़ादी तय की गई है। इसके अलावा International Football Association Board यानी IFAB के नियमों के मुताबिक खिलाड़ियों के सामान पर किसी भी तरह के राजनीतिक या धार्मिक नारे लिखने पर पूरी पाबंदी है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि इन नियमों को ठीक से लागू नहीं किया जाता है, जिससे कई बार सरकार समर्थित प्रतीकों को छूट मिल जाती है और आम आवाज़ें दबा दी जाती हैं।
राष्ट्रीयता और पहचान से जुड़ा खेल
Organization for World Peace से जुड़ी Desirée Viteri Almeida और लेखक Mustafa Suleyman ने इस बात पर जोर दिया है कि खेल को राजनीति से पूरी तरह दूर रखना असंभव सा है। उनके मुताबिक फुटबॉल सीधे तौर पर राष्ट्रवाद, ताकत और पहचान से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही 2 अप्रैल 2026 को यह चिंता भी सामने आई थी कि आने वाले 2026 FIFA World Cup के दौरान यात्रा और वीज़ा नियमों की वजह से फैंस को मैच देखने पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, जिसकी मेजबानी United States, Canada और Mexico मिलकर कर रहे हैं।
FIFA की आंतरिक कलह और कानूनी मामले
तारीख 31 अगस्त 2026 तक FIFA की प्रशासनिक व्यवस्था काफी दबाव में नज़र आई। FIFA World Cup में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव फेल होने के बाद US Soccer, Canada Soccer, Caribbean Football Union और Central American Football Union जैसे बड़े संगठनों ने पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की। रिपोर्ट्स के मुताबिक UEFA इस रद्द हुई निवेश योजना को लेकर FIFA के अध्यक्ष Gianni Infantino के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इसी बीच Guyana Football Federation ने साफ किया है कि वे खेल में ईमानदारी और सही नियमों के साथ काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
इंटरनेशनल कैलेंडर में बड़ा बदलाव
संचालन के स्तर पर FIFA ने 1 सितंबर 2026 को बड़ा ऐलान करते हुए 2026 से 2030 के पुरुषों के इंटरनेशनल कैलेंडर में बदलाव किया है। इसके तहत सितंबर और अक्टूबर के विंडो को मिलाकर एक ही तीन हफ्ते की अवधि बना दी गई है, जिसकी वजह से कुछ समय के लिए क्लब फुटबॉल के मैच रोक दिए जाएंगे। प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियों के बीच यह बहस लगातार जारी है कि क्या फुटबॉल की व्यवस्था वास्तव में दुनिया के बाकी मामलों से अलग है या फिर यह सिर्फ बड़े अधिकारियों को बचाने का एक जरिया है।