दोहा डिबेट्स पॉडकास्ट: क्या आज के दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता संभव है?

Satyam Kumari6 October 20262 min read0 viewsQatar
दोहा डिबेट्स पॉडकास्ट: क्या आज के दौर में निष्पक्ष पत्रकारिता संभव है?

आज के डिजिटल युग में जब खबरें सेकंडों में वायरल होती हैं, क्या वाकई कोई पत्रकारिता पूरी तरह निष्पक्ष हो सकती है? इसी गंभीर सवाल पर 6 अक्टूबर, 2026 को दोहा डिबेट्स पॉडकास्ट का एक खास एपिसोड रिलीज हुआ। इस चर्चा में अल जजीरा मीडिया नेटवर्क की डिजिटल प्रोजेक्ट्स मैनेजिंग डायरेक्टर दीमा खतीब और मिडिल ईस्ट आई के एसोसिएट एडिटर पीटर ओबोन ने हिस्सा लिया और आधुनिक पत्रकारिता में मौजूद पक्षपात और निष्पक्षता की चुनौतियों पर गहराई से बात की।

चर्चा का मुख्य केंद्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और उनके काम करने का तरीका रहा। विशेषज्ञों ने तर्क दिया कि सोशल मीडिया बुनियादी तौर पर पक्षपाती है। इसका कारण वे एल्गोरिदम हैं, जो यह तय करते हैं कि यूजर क्या देखेगा। ये एल्गोरिदम न केवल सूचनाओं पर नियंत्रण रखते हैं, बल्कि कुछ खास नजरियों को जरूरत से ज्यादा बढ़ावा देते हैं, जिससे सच्चाई धुंधली पड़ जाती है।

मीडिया संस्थानों और एल्गोरिदम का प्रभाव

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पॉडकास्ट के दौरान दीमा खतीब ने मीडिया जगत की गंभीर कमियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से फिलिस्तीनी कहानियों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार और पत्रकारों की सुरक्षा में मीडिया आउटलेट्स की विफलता पर चिंता जताई। खतीब का मानना है कि प्रेस की आजादी तभी सार्थक है जब संघर्ष क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों के जीवन और सुरक्षा का अधिकार सुरक्षित हो।

वहीं, पीटर ओबोन ने संस्थागत मीडिया पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बीबीसी जैसे बड़े संस्थानों पर गाजा और यूक्रेन के कवरेज में दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। ओबोन का कहना है कि ब्रिटिश मीडिया का एक बड़ा हिस्सा सच्चाई खोजने के बजाय सत्ता के औजार के रूप में काम कर रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि जून 2026 की रॉयटर्स इंस्टीट्यूट डिजिटल न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, जनता अभी भी ऐसे समाचार स्रोतों को पसंद करती है जो किसी खास विचारधारा से न जुड़े हों। हालांकि, राजनीतिक ध्रुवीकरण और खबर पढ़ने के बदलते तरीकों की वजह से मीडिया पर भरोसे का स्तर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह स्थिति दिखाती है कि लोग भले ही निष्पक्षता चाहते हों, लेकिन उन्हें मिलने वाली खबरें एल्गोरिदम और व्यक्तिगत राय से प्रभावित होती हैं।

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