अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया गंभीर आरोप और कहा खत्म करेंगे काम

Praggya Singh sabal11 September 20263 min read34 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहराया, डोनाल्ड ट्रंप ने लगाया गंभीर आरोप और कहा खत्म करेंगे काम

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 10 सितंबर 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने यह बड़ा दावा किया कि ईरान उन्हें रास्ते से हटाने की कोशिश कर रहा है। उनका यह मानना है कि ईरान को ऐसा लगता है कि अगर भविष्य में कोई डेमोक्रेटिक सरकार आती है, तो वह तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति दे सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी पिछली कार्यप्रणाली के दौरान बी-2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल करके ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से सफलतापूर्वक रोक दिया है। उन्होंने जून 2025 में हुए 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' और अपने कार्यकाल के दौरान JCPOA समझौते को रद्द करने का विशेष रूप से उल्लेख किया।

इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ 9 सितंबर 2026 को हुई एक बैठक के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा कि वह इस काम को पूरा करेंगे। उन्होंने इस बात को फिर से दोहराया कि आठ महीने पहले बी-2 बॉम्बर्स ने परमाणु प्रसार को रोकने के लिए एक गुप्त ठिकाने को पूरी तरह से तबाह कर दिया था। इसके अलावा, 8 सितंबर 2026 को उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि हालांकि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के बहुत करीब पहुंच चुका था, लेकिन अब उस देश के पास ऐसा करने का कोई भी मौका नहीं बचा है।

भूमिगत फैसिलिटी और जासूसी रिपोर्ट

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मौजूदा हालात अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि 'Pickaxe Mountain' नामक संदेहास्पद भूमिगत फैसिलिटी पर लगातार गतिविधियां देखी जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी IAEA के महानिदेशक Rafael Mariano Grossi ने इस जगह पर हो रही गतिविधियों को नोटिस किया है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एजेंसी के पास विशिष्ट अभियानों के बारे में कोई ठोस जानकारी मौजूद नहीं है। सेंटर फॉर स्ट्रैटिजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज CSIS के एनालिस्ट्स ने इस बात की पुष्टि की है कि साल 2026 के दौरान पिकैक्स माउंटेन पर निर्माण और सड़क के कामकाज में काफी ज्यादा तेजी आई है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों और इजरायली खुफिया एजेंसियों द्वारा अमेरिकी समुदाय को दी गई जानकारी से यह पता चलता है कि ईरान ने अक्टूबर 2025 में ही यूरेनियम सेंट्रीफ्यूजेज को इस फैसिलिटी के अंदर शिफ्ट कर दिया था।

सैन्य नुकसान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा सैन्य सफलता के दावों के बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने 11 सितंबर 2026 को इस बात की पुष्टि की कि हाल ही में हुए ईरानी हमलों में जॉर्डन के Muwaffaq Salti Air Base पर खड़े कई अमेरिकी सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचा है। इन नुकसानों में एक A-10 Thunderbolt II विमान शामिल है जिसका एक पंख गायब हो गया है और लगभग आठ F-15 jets को हल्का नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक दूरियां अभी भी बनी हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र में चीन के उप स्थायी प्रतिनिधि Sun Lei ने 11 सितंबर 2026 को कूटनीतिक समाधान निकालने की बात कही और परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने से जुड़ी संधि NPT के तहत शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल के ईरान के अधिकार का समर्थन किया। इसके विपरीत, रूस की उप स्थायी प्रतिनिधि Anna Evstigneeva ने इस मुद्दे पर यूएन सुरक्षा परिषद की ब्रीफिंग का विरोध किया और यह तर्क दिया कि Resolution 2231 की अवधि अक्टूबर 2025 में ही समाप्त हो चुकी है।

इस पूरे संघर्ष को और अधिक उलझाते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने यह बात साफ कर दी है कि अमेरिकी सेना ईरान के तेल टैंकरों को लगातार निशाना बनाती रहेगी। इसके अलावा, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ सलाहकार Mohammad Reza Naghdi ने अगस्त 2026 में यह बयान दिया था कि तेहरान जानबूझकर इस संघर्ष को तब तक खींच सकता है जब तक कि राष्ट्रपति ट्रंप का कार्यकाल पूरा नहीं हो जाता और वह पद से हट नहीं जाते।

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