इजरायल चुनाव से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू का किया समर्थन और उन्हें बताया महान योद्धा प्रधानमंत्री

तेल अवीव: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को आगामी 27 अक्टूबर 2026 को होने वाले चुनाव के लिए अपना पूरा समर्थन दिया है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए नेतन्याहू को महान योद्धा प्रधानमंत्री बताते हुए कहा कि ईरान का सामना करने और शांति स्थापित करने के लिए वह एक जरूरी साथी हैं।
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ रणनीति के लिए नेतन्याहू का नेतृत्व बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इजरायल की कमान किसी और अधिकारी के हाथ में होती, तो अमेरिका को अकेले ही यह काम पूरा करना पड़ता, लेकिन वह ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं।
बेंजामिन नेतन्याहू ने इस समर्थन का जवाब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया है। उन्होंने लिखा कि साथ मिलकर हम इस मिशन को पूरा करेंगे।
इससे पहले 18 अक्टूबर 2026 को नेतन्याहू ने इजरायली पत्रकारों के साथ एक सुरक्षा ब्रीफिंग की थी। इसमें उन्होंने एक अपडेटेड नेशनल सिक्योरिटी डॉक्ट्रिन की जानकारी दी और परमाणु हथियार संपन्न ईरान को इजरायल के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। नेतन्याहू ने कहा कि वह ईरानी शासन को खत्म कर देंगे और जरूरत पड़ने पर अमेरिका की मदद के बिना भी ईरान पर हमला कर सकते हैं।
फॉक्स न्यूज से बात करते हुए नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि ईरान का अंतिम लक्ष्य अमेरिका और यूरोप है। उन्होंने दावा किया कि दुश्मनों को हराने का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है और बाकी काम उनके दोबारा चुनाव जीतने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन के साथ अच्छे रिश्तों के बीच इन लक्ष्यों को पाने का यह एक छोटा सा मौका है।
पत्रकार शन्ना फुल्ड के मुताबिक, 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है। इस बार चुनाव में जवाबदेही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स लोगों की सैन्य भर्ती जैसे मुद्दे मुख्य हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 71 फीसदी यहूदी इजरायली 7 अक्टूबर की सुरक्षा विफलताओं की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय पैनल के समर्थन में हैं। वहीं, 72 फीसदी लोग हरेदी या अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पुरुषों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा के कानून का समर्थन कर रहे हैं। चुनाव में शिक्षा, महंगाई और आवास संकट जैसे मुद्दे भी चर्चा में हैं।
दूसरी तरफ, अल जजीरा की रिपोर्टर नूर ओदेह ने रमाला से बताया कि वेस्ट बैंक में बस्तियों में हिंसा की घटनाएं जारी हैं। इसमें जैतून के पेड़ों को काटना, खेतों पर छापे मारना और फिलिस्तीनी किसानों व राजनयिकों पर हमले शामिल हैं।