ईरान को ट्रंप की चेतावनी, बचे हुए हिस्से भी तबाह करने पर हो सकते हैं मजबूर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वे देश के बचे हुए हिस्सों को तबाह करने पर मजबूर हो सकते हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि वह देश के बचे हुए हिस्सों को नष्ट करने पर मजबूर हो सकते हैं। 5 नवंबर, 2026 को दिए अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि हालांकि वह ईरान को पूरी तरह तबाह नहीं करना चाहते, लेकिन हालात उन्हें ऐसा करने के लिए विवश कर सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस पूरे मामले का समाधान बहुत जल्द सामने आ जाएगा।
ट्रंप के मुताबिक, पिछले सात महीनों से जारी सैन्य उपस्थिति के दौरान अमेरिका ने ईरान के भीतर अपने सभी तय लक्ष्यों पर सफलतापूर्वक नियंत्रण हासिल कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वॉशिंगटन इस बात को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न आएं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अब तेहरान अमेरिका की मंजूरी के बिना कोई भी बड़ा कदम नहीं उठा सकता।
ईरान की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि देश को फिर से खड़ा करना पड़ा, तो इसमें करीब 25 साल का समय लग सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अमेरिका के भीतर भी तनाव बढ़ा हुआ है।
अमेरिका में हाल ही में हुए मध्यावधि चुनावों (midterm elections) के नतीजों ने ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण कर लिया है। वहीं दूसरी ओर, तेहरान के ताजरिश स्क्वायर पर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन हुए, जहां प्रदर्शनकारियों ने डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका।
ईरानी अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर बातचीत की मेज पर बने रहने की इच्छा जताई है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने तेहरान द्वारा भेजे जा रहे वर्तमान प्रस्तावों पर संदेह जताया है और संकेत दिया है कि ईरान के प्रति भविष्य की नीति पर फैसला जल्द लिया जाएगा।