डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेताओं की हत्या रोकने की बात कही ताकि बातचीत के लिए सही पार्टनर खोजे जा सकें
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेताओं की हत्या रोकने और बातचीत की बात की, लेकिन सैन्य हमलोंों की संभावना भी जताई।

जॉर्जिया (अमेरिका): पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी रैली में कहा है कि अमेरिका को ईरान के नेताओं की हत्या करना बंद करना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि अगर अमेरिका को बातचीत के लिए सही पार्टनर की पहचान करनी है, तो यह कदम उठाना जरूरी है।
ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन के दौरान चलाए गए 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने ईरान की परमाणु क्षमता और सैन्य नेतृत्व को काफी कमजोर कर दिया है। उन्होंने 2018 में अमेरिका को संयुक्त व्यापक योजना (JCPOA) से बाहर कर दिया था।
फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि एक बड़ा और खूबसूरत समझौता संभव है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रविवार, 25 अक्टूबर को ईरान पर नए अमेरिकी सैन्य हमले हो सकते हैं।
अमेरिकी सेना ने नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद और हमलों के लिए विकल्प तैयार रखे हैं। तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने 24 अक्टूबर को बताया कि सैन्य कार्रवाई इस सप्ताहांत से ही शुरू हो सकती है।
ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि किसी भी स्थिति में अमेरिकी जहाजों को फारस की खाड़ी में आने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने परमाणु केंद्रों के विनाश के बारे में ट्रंप के दावों को गलत बताया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने स्वीकार किया कि मौजूदा युद्ध जैसी स्थितियों के कारण देश में गंभीर आर्थिक संकट है। उन्होंने इस अनिश्चितता के माहौल को खत्म करने की बात कही है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए बाहरी ताकतों, खासकर इजरायल का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अब इलाके का भू-राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान में ईरानी दूत रज़ा अमीरी मोगादम ने संकेत दिया था कि अगर अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी हटाई, तो तेहरान जलमार्ग खोल सकता है। लेकिन तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने इन खबरों को झूठ और कल्पना बताया है।
फिलहाल पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ इस मामले में किसी अंतरिम समझौते के लिए चर्चा कर रहे हैं।