डोनाल्ड ट्रंप ने किया ईरान संघर्ष के जल्द खत्म होने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने ईरान के साथ चल रहे मौजूदा तनाव को लेकर अपनी बात रखी और भविष्यवाणी की कि यह संघर्ष बहुत लंबा नहीं चलेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि हालात बहुत ही अनुकूल दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और ईरान की स्थिति इस समय अच्छी नहीं है।
अपनी भविष्य की रणनीतियों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कोई भी विशेष जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने अपने अगले कदमों का खुलासा कर दिया तो यह मीडिया के लिए एक बड़ी खबर बन जाएगी, लेकिन लोगों को जल्द ही सब कुछ खुद देखने को मिल जाएगा। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरा घटनाक्रम उनके प्रशासन के लिए काफी सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रहा है।
तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद
ईरान के हालात का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को लेकर ट्रंप ने आश्वस्त किया कि संघर्ष समाप्त होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर से नीचे आ जाएंगी। उनका मानना है कि ईरान संकट के हल होते ही बाजार में प्रचुर मात्रा में तेल उपलब्ध होगा और कीमतें उस स्तर पर लौट आएंगी जो पहले थीं, या शायद उससे भी कम हो सकती हैं।
यूरोप के साथ सहयोग पर जोर
ऊर्जा आपूर्ति और डीजल के मोर्चे पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूरोप के साथ अपने बेहतरीन संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने यूरोपीय देशों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीजल की आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह किया था, जिस पर यूरोपीय सरकारों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कोई इरादा नहीं था और यूरोप के इस योगदान से वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रंप ने अंत में दोहराया कि यूरोप के पास डीजल का पर्याप्त भंडार है क्योंकि वहां इसका उपयोग अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक होता है। अमेरिका और यूरोप के इस साझा प्रयास से ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।