सऊदी अरब पर फिर मंडराया खतरा, ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने दिया बड़ा बयान.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने 20 सितंबर 2026 को यह साफ कहा कि आने वाले समय में ईरान को लेकर कुछ बहुत बड़ा होने वाला है। उनके इस बयान ने पूरी दुनिया का ध्यान एक बार फिर से इस इलाके की तरफ खींच लिया है, जहां इन दिनों हालात काफी ज्यादा खराब चल रहे हैं और लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है।
सऊदी अरब पर हमले और यूएन सुरक्षा परिषद का कड़ा रुख
इस बीच, यमन के हूति विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों की वजह से सऊदी अरब के आम लोगों और ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए 20 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने एक साझा बयान जारी किया। इस बयान में हूति मिलिशिया द्वारा सऊदी अरब पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई। सुरक्षा परिषद ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा समर्थन किया और लाल सागर तथा बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में जहाजों पर मंडरा रहे खतरों को भी गलत बताया। इस बारे में अधिक जानकारी आप Saudi Press Agency (SPA) पर देख सकते हैं।
जिनेवा और न्यूयॉर्क में बैठकों का दौर
यमन के हालातों और सऊदी अरब पर हो रहे हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। इससे पहले 19 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने एक औपचारिक बैठक की। इस बैठक में दोनों बड़े नेताओं ने हूति हमलों की एक स्वर में निंदा की। इस घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट WAM पर प्रकाशित की गई है।
सऊदी सिविल डिफेंस का अलर्ट और जमीनी हालात
हमलों के खतरे को भांपते हुए 19 सितंबर 2026 को सऊदी सिविल डिफेंस ने राजधानी रियाद, अल-खार्ज और फरासान के लिए जरूरी चेतावनी और अलर्ट जारी किए। दूसरी तरफ, हूति ताकतों ने यह दावा किया कि उन्होंने यमन की राजधानी सना में सऊदी अरब के कथित अभियानों को नाकाम कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम से गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि क्षेत्रीय अस्थिरता का असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है।