DP World और चटगांव पोर्ट अथॉरिटी के बीच 15 साल का बड़ा समझौता, होगा करोड़ों का निवेश

बांग्लादेश के व्यापारिक बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव आने जा रहा है। वैश्विक पोर्ट ऑपरेटर DP World और चटगांव पोर्ट अथॉरिटी (CPA) ने मिलकर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस 15 साल के कॉन्सेशन एग्रीमेंट के तहत, DP World अब चटगांव पोर्ट के न्यू मूरिंग कंटेनर टर्मिनल (NCT) और ओवरफ्लो कंटेनर यार्ड का संचालन और रखरखाव करेगा। ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारी और बांग्लादेश के शिपिंग मंत्री शेख रबीउल आलम मौजूद थे।
आधुनिकीकरण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का निवेश
इस डील के तहत DP World अगले 10 वर्षों में टर्मिनल के आधुनिकीकरण, तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने और नए उपकरणों के लिए 1,000 करोड़ रुपये (लगभग 150 मिलियन डॉलर) से अधिक का निवेश करेगा। इसके अलावा, कंपनी लगभग 600 करोड़ रुपये की अग्रिम शुल्क (Upfront fee) भी भुगतान करेगी। इस पूरी प्रक्रिया में इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने ट्रांजैक्शन एडवाइजर की भूमिका निभाई है।
समझौते की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- पोर्ट की जमीन और बुनियादी ढांचे का मालिकाना हक चटगांव पोर्ट अथॉरिटी (CPA) के पास ही रहेगा।
- CPA को प्रति कंटेनर (TEU) 40% से 67% तक का राजस्व हिस्सा मिलेगा।
- इसके साथ ही, कंपनी सालाना लगभग 10 करोड़ रुपये का निश्चित शुल्क भी देगी।
- टर्मिनल पर सालाना कम से कम 1.23 मिलियन TEU के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार को उम्मीद है कि इस साझेदारी से जहाजों के आने-जाने और कंटेनरों के रुकने के समय में 50% तक की कमी आएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार की लागत घटेगी। साथ ही, समझौते में मौजूदा कर्मचारियों के हितों की रक्षा की गई है और बाहरी भर्ती पर रोक लगाई गई है।
हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर बांग्लादेश में विरोध भी देखने को मिला है। चटगांव पोर्ट प्रोटेक्शन कमेटी और कुछ राजनीतिक दलों ने विदेशी ऑपरेटर को टर्मिनल सौंपने के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। इसके बावजूद, दुनिया के 10% कंटेनर ट्रैफिक को संभालने वाली DP World ने इस प्रोजेक्ट के जरिए बांग्लादेश के राष्ट्रीय लक्ष्यों और स्थानीय कार्यबल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।