DR Congo: कांगो ने फिर दोहराया वादा, इसराइल में तेल अवीव से जेरूसलम शिफ्ट करेगा अपनी एंबेसी.

Sushma Kumari4 September 20262 min read27 viewsWorld
DR Congo: कांगो ने फिर दोहराया वादा, इसराइल में तेल अवीव से जेरूसलम शिफ्ट करेगा अपनी एंबेसी.

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो ने अपने दूतावास को इसराइल के शहर तेल अवीव से हटाकर जेरूसलम में शिफ्ट करने की अपनी योजना को आधिकारिक तौर पर फिर से पक्का कर दिया है। यह बड़ा ऐलान गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को किया गया, जो कि कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स-एंटोनी त्शिसिबेदी की इसराइल की एक आधिकारिक यात्रा के तुरंत बाद सामने आया है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बार फिर से इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि दुनिया के कौन-कौन से देश जेरूसलम को इसराइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे रहे हैं और अपने कार्यालय वहां ले जा रहे हैं।

इसराइल और कांगो के बीच हुई अहम बैठक

अपनी इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति त्शिसिबेदी ने 1 सितंबर 2026 को इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ खास बातचीत की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी कूटनीतिक रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करने पर जोर दिया। इसराइल के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों देश कांगो के दूतावास को जेरूसलम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही, किंशासा में इसराइल के रेजिडेंट दूतावास को दोबारा खोलने पर भी काम चल रहा है, जो साल 2003 से बंद पड़ा हुआ है। हालांकि, इस बात की कोई पक्की तारीख अभी तक सामने नहीं आई है कि दूतावास को असल में कब शिफ्ट किया जाएगा, लेकिन इस ताज़ा फैसले ने साल 2023 में किए गए पुराने वादे को फिर से ताजा कर दिया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सुरक्षा और तकनीक के क्षेत्र में बढ़ रहा है सहयोग

यह कूटनीतिक कदम दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के बड़े प्रयासों का हिस्सा है। आने वाले समय में साइबर सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और तकनीक जैसे खास सेक्टरों में मिलकर काम करने की योजना है। इन चर्चाओं की नींव इसी साल जुलाई 2026 में पड़ी थी, जब कांगो की विदेश मंत्री थ्रेसे कायिकवाम्बा और इसराइल के विदेश मंत्री गिदोएन् सा'आर के बीच कई समझौतों यानी Memoranda of Understanding पर हस्ताक्षर हुए थे। जानकारों का मानना है कि राष्ट्रपति त्शिसिबेदी का इसराइल के प्रति यह नरम रुख उनकी निजी धार्मिक आस्थाओं और देश की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए इसराइल के समर्थन की चाहत से जुड़ा हुआ है।

इस नए ऐलान के साथ ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो उन गिने-चुने देशों के समूह में शामिल हो गया है जिन्होंने जेरूसलम में अपने दूतावास बनाने का फैसला किया है या फिर इस काम को पूरा कर चुके हैं। इस लिस्ट में पहले से ही अमेरिका, ग्वाटेमाला, होंडुरास, पापुआ न्यू गिनी और कोसोवो जैसे देश शामिल हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Israeli Ministry of Foreign Affairs की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment