इराक के खोर मोर गैस फील्ड पर ड्रोन हमला, 2.8 गीगावॉट बिजली उत्पादन ठप
इराकी कुर्दिस्तान के खोर मोर गैस फील्ड पर ड्रोन हमले से बिजली उत्पादन में 2.8 GW की गिरावट आई है। अस्पतालों के लिए इमरजेंसी उपाय किए गए।

कुर्दिस्तान (इराक): इराकी कुर्दिस्तान के सुलेमानियाह प्रांत में स्थित महत्वपूर्ण खोर मोर गैस फील्ड पर एक ड्रोन हमले ने ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है। इस हमले के कारण नेशनल ग्रिड में बिजली उत्पादन लगभग 2.8 गीगावाट (GW) कम हो गया है।
कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार (KRG) के बिजली मंत्रालय के प्रवक्ता ओमिद अहमद के मुताबिक, ड्रोन विस्फोट की वजह से क्षेत्र के बिजली उत्पादन केंद्रों को होने वाली गैस आपूर्ति तुरंत बाधित हो गई।
गैस फील्ड के अचानक बंद होने से अरबिल, सुलेमानियाह, बाज़ियान, चामचामल और दुहोक जैसे पांच बड़े शहरी केंद्रों को बिजली देने वाले महत्वपूर्ण केंद्रों का ईंधन कट गया है।
क्षेत्रीय इलेक्ट्रिकल ग्रिड को पूरी तरह ठप होने से बचाने के लिए अधिकारियों ने आपातकालीन प्रोटोकॉल शुरू किए हैं। इसका मकसद महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा करना है।
ओमिद अहमद ने बताया कि पूरी तरह ब्लैकआउट को रोकने के लिए बिजली मंत्रालय डोकन और दरबंदिखान बांधों के हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशनों और अन्य ईंधन से चलने वाले स्टेशनों के जरिए काम कर रहा है। इससे अस्पतालों और पानी के स्टेशनों जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थलों पर बिजली पहुंचाई जा रही है।
एक सूत्र के अनुसार, उत्तरी इराक के सबसे बड़े गैस क्षेत्रों में से एक होने वाले इस संयंत्र में विस्फोटक ड्रोन के टकराने के बाद गैस उत्पादन रोक दिया गया।
कुर्द सुरक्षा बलों ने ऊर्जा प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले की पुष्टि की है, हालांकि अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। संरचनात्मक क्षति की सीमा और हताहतों की संख्या का आधिकारिक आकलन किया जा रहा है।
खोर मोर गैस फील्ड कुर्दिस्तान क्षेत्र के थर्मल पावर स्टेशनों के लिए मुख्य ऊर्जा जीवन रेखा है। पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र बार-बार ड्रोन और रॉकेट हमलों का निशाना बना है, जिससे वहां बार-बार बिजली कटौती हुई है।
यह हमला उस समय हुआ जब कुर्द अधिकारियों और तेहरान के बीच उच्च स्तरीय सुरक्षा वार्ता चल रही थी। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के राष्ट्रपति ने एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की ताकि सीमा पार सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की जा सके और उत्तरी इराक में स्थिरता बनी रहे।
KRG प्रेसीडेंसी द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विवादों और चुनौतियों के समाधान के लिए संवाद, शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीति पर भरोसा करने की बात कही। चर्चा के दौरान ईरान, इराक और कुर्द क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच हस्ताक्षरित मौजूदा सुरक्षा समझौतों की भी समीक्षा की गई।