इraaq के Kurdistan में हुआ बड़ा ड्रोन हमला, ईरान और मिलिशिया संगठनों पर उठे गंभीर सवाल.

इराक के Kurdistan Region में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठ गया है जब 26 August 2026 को एक ईरानी-कुर्दी समूह को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ड्रोन सोरान इंडिपेंडेंट एडमिनिस्ट्रेशन के बादल्यान गांव के पास गिरा, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गय। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, हालांकि गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी भी तरह के जानमाल का तुरंत कोई नुकसान दर्ज नहीं किया गया है।
बढ़ता तनाव और पिछले आंकड़े
कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार के प्रधानमंत्री Masrour Barzani ने पहले ही 9 August को इस बात की जानकारी दी थी कि इस क्षेत्र को लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, क्षेत्र में अब तक 1,000 से ज्यादा ऐसे हमले हो चुके हैं जिनका संबंध सीधे तौर पर ईरान या इराक के भीतर सक्रिय मिलिशिया संगठनों से जुड़ा हुआ है। इस ताजा घटना से पहले, 21 July को इराकी राष्ट्रीय सुरक्षा सेवा ने बगदाद में एक गुप्त ड्रोन निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था, जहां से 25 ड्रोन फ्रेम और तकनीकी उपकरण बरामद किए गए थे और तीन मजदूरों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की जांच में ईरान समर्थित शिया गुटों के पांच कमांडरों के नाम सामने आए थे, जो इन गतिविधियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
गुप्त सेल और सीजफायर का टूटना
सुरक्षा मामलों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनल गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने इराक के भीतर छोटे और गुप्त सेल बना रखे हैं, जो आम नागरिकों की आड़ में काम करते हैं। इन गुप्त सेल्स का मुख्य काम एरबिल, सऊदी अरब, जॉर्डन और कुवैत जैसे ठिकानों पर ड्रोन हमलों को बढ़ावा देना है। ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल 28 February से 20 April के बीच कुर्द अधिकारियों ने अमेरिकी हितों, सैन्य अड्डों और सरकारी साइटों को निशाना बनाने वाले 700 से अधिक ड्रोन हमलों को दर्ज किया था। अप्रैल में तय हुआ क्षेत्रीय सीजफायर अब पूरी तरह टूट चुका है, और ईरान लगातार ईरानी-कुर्दी विपक्षी समूहों पर पश्चिमी और इजरायली हितों की सेवा करने का आरोप लगाते हुए अपने हमलों को अंजाम दे रहा है।