दुबई और अबू धाबी ने दुनिया भर में गाड़े झंडे, रहने के लिए बने सबसे बेहतरीन शहर

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो प्रमुख शहर, दुबई और अबू धाबी, वैश्विक स्तर पर रहने की गुणवत्ता और अवसरों के मामले में सबसे आगे निकल गए हैं। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की नवीनतम रिपोर्ट 'Cities of Choice 4.0' के अनुसार, इन शहरों ने सामाजिक पूंजी, आर्थिक अवसर और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर दुनिया के बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है।
वैश्विक रैंकिंग में दुबई और अबू धाबी का दबदबा
BCG की इस रिपोर्ट, जिसका शीर्षक 'Built to Change: How Cities Compete for the Future' है, से पता चलता है कि यूएई के शहर निवासियों के अनुभव को बेहतर बनाने में वैश्विक औसत से कहीं आगे हैं। इस रिपोर्ट के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
- स्मार्ट सिटी रैंकिंग: 'इंटेलिजेंट सिटीज इंडेक्स 2026' में दुबई दुनिया में दूसरे स्थान पर रहा, जबकि अबू धाबी 61 प्रमुख शहरों में से 20वें स्थान पर रहा।
- टेक्नोलॉजी में नंबर वन: तकनीक को अपनाने के मामले में दुबई ने दुनिया भर में पहला स्थान हासिल किया है।
- आर्थिक अवसर: दुबई आर्थिक अवसरों के मामले में दुनिया में पांचवें स्थान पर है, जिसका मुख्य कारण उच्च घरेलू आय और सकारात्मक व्यावसायिक माहौल है।
- सरकारी जुड़ाव: सरकारी सेवाओं और नागरिक जुड़ाव के मामले में दुबई दुनिया में नौवें स्थान पर काबिज है।
जीवनशैली और सामाजिक पूंजी में बढ़त
रिपोर्ट के अनुसार, दुबई और अबू धाबी के निवासी अपने खाली समय का बेहतरीन उपयोग करते हैं। यहाँ के लोग औसतन प्रति सप्ताह नौ से दस घंटे मनोरंजन और अवकाश स्थलों पर बिताते हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक बड़ा रिकॉर्ड है। इसके अलावा, यूएई ने स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक पूंजी और आवास की सामर्थ्य (housing affordability) में भी उच्च स्कोर प्राप्त किया है।
"जीतने वाले शहर वे हैं जो अपने निवासियों के लिए दैनिक जीवन में ठोस परिणाम और बेहतर अनुभव प्रदान करते हैं। यूएई का प्रदर्शन शहरी विकास के एक ऐसे मॉडल को दर्शाता है जो पूरी तरह से निवासियों पर केंद्रित है।" — क्रिश्चियन श्वार्ज़लर, मैनेजिंग डायरेक्टर, BCG
भविष्य की चुनौतियां और सुधार के कदम
जहाँ एक ओर यूएई की सफलता के कई पहलू सामने आए हैं, वहीं रिपोर्ट ने कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता भी बताई है। विशेष रूप से मोबिलिटी (यातायात) और शिक्षा को भविष्य के निवेश के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग यूरोप और एशिया के अन्य शहरों की तुलना में थोड़ा कम है, और यात्रा के समय में भी थोड़ी वृद्धि देखी गई है।
इन चुनौतियों से निपटने के लिए अबू धाबी प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं:
- लिवेबिलिटी स्ट्रैटेजी: अबू धाबी के नगर पालिकाओं और परिवहन विभाग ने सुविधाओं के सामाजिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए अपनी 'लिवेबिलिटी स्ट्रैटेजी' का दूसरा चरण शुरू किया है।
- लिवेबिलिटी बाय डिजाइन फ्रेमवर्क: नए मास्टर प्लान के लिए एक नया ढांचा लागू किया गया है, जिसमें यह अनिवार्य किया गया है कि 2,000 से अधिक लोगों वाले क्षेत्रों में पैदल चलने योग्य पड़ोस, सार्वभौमिक पहुंच और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए।
इन रणनीतियों के माध्यम से, यूएई न केवल रहने के लिए सबसे अच्छे शहर बने रहने का लक्ष्य रख रहा है, बल्कि भविष्य की शहरी चुनौतियों के लिए खुद को तैयार भी कर रहा है।