Dubai Airport में बदला सुरक्षा नियम, अब स्कैनिंग के दौरान बैग में ही रख सकेंगे लैपटॉप और लिक्विड

Nura Basta29 August 20263 min read18 viewsUAE
Dubai Airport में बदला सुरक्षा नियम, अब स्कैनिंग के दौरान बैग में ही रख सकेंगे लैपटॉप और लिक्विड

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को और अधिक आसान और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब यात्रियों को चेकिंग के दौरान अपने हैंड बैगेज से लैपटॉप, टैबलेट और पानी या अन्य लिक्विड की बोतलें बाहर निकालने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। इस नई तकनीक के आने से एयरपोर्ट पर लगने वाली लंबी लाइनों और समय की बर्बादी से यात्रियों को काफी हद तक राहत मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

नई सीटी स्कैन तकनीक से बदलेगी एयरपोर्ट की तस्वीर

दुबई एयरपोर्ट्स के सीईओ Paul Griffiths ने 27 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि एयरपोर्ट पर आधुनिक सीटी-बेस्ड सुरक्षा स्कैनर लगाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। पुरानी मशीनों को हटाकर उनकी जगह पर अत्याधुनिक उपकरणों को तैनात किया जा रहा है। इस पूरी योजना के तहत Smiths Detection HI-SCAN 6040 CTiX Model-S स्कैनर्स लगाए जा रहे हैं। इन आधुनिक मशीनों को मई 2025 में दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स द्वारा दिए गए एक अनुबंध के बाद स्थापित किया जा रहा है। ये सभी सिस्टम ECAC C3-approved हैं, जो कंप्यूटेड टोमोग्राफी इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिए सुरक्षाकर्मियों को बैग का हाई-रिजॉल्यूशन 3D व्यू मिलता है, जिससे वे डिजिटल रूप से कई अलग-अलग एंगल से सामान की जांच कर सकते हैं। इस तकनीकी बदलाव से पूरी जांच प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी। आने वाले समय में हो सकता है कि यात्रियों को जूते या मेटल के बेल्ट भी उतारने की जरूरत ना पड़े।

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फिलहाल पुराना नियम भी रहेगा कुछ जगह लागू

चूंकि यह अपग्रेडेशन का काम चरणबद्ध तरीके से यानी धीरे-धीरे किया जा रहा है, इसलिए एयरपोर्ट पर अभी पुरानी और नई दोनों तरह की मशीनें एक साथ काम कर रही हैं। यही वजह है कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने अलॉट किए गए लेन पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। एयरपोर्ट के सार्वजनिक सुरक्षा नियमों के मुताबिक, लिक्विड कंटेनर की सीमा अभी भी अधिकतम 100ml या उससे कम तय की गई है। इन बोतलों को एक साफ, पारदर्शी और दोबारा बंद होने वाले प्लास्टिक बैग में रखना अनिवार्य है। इसके अलावा, जिन चेकपॉइंट्स पर नई मशीनें नहीं लगी हैं, वहां पर जूते, हीट्स और मेटल बकल वाले बेल्ट उतारने जैसे पुराने नियम ही लागू रहेंगे। स्कैनिंग की नई तकनीक आने के बाद भी लिक्विड की मात्रा की यह सीमा सभी यात्रियों के लिए वैसी ही बनी हुई है।

भारतीय यात्रियों के लिए क्यों है यह जरूरी अपडेट

यह नया बदलाव खासतौर पर उन भारतीय यात्रियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो बड़ी संख्या में इस एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। भारत वर्तमान में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सबसे बड़ा देश बाजार है। साल 2026 की पहली तिमाही यानी Q1 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुरुआती तीन महीनों में कुल 2.5 million यानी 25 लाख भारतीय यात्रियों ने इस एयरपोर्ट का सफर किया था। इससे पहले साल 2025 में यह आंकड़ा 11.9 million तक पहुंच चुका था। भारत के कई शहरों से दुबई के लिए उड़ानें चलती हैं, जिनमें मुंबई शहर सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। अकेले मुंबई रूट पर Q1 2026 के दौरान 520,000 यात्रियों ने आवाजाही की थी। साल 2026 के पहले छह महीनों यानी H1 के अपडेट के मुताबिक, दुबई एयरपोर्ट ने कुल 31.5 million यात्रियों को संभाला है, जिनमें से 99.34% यात्रियों ने महज पांच मिनट के अंदर अपनी सुरक्षा जांच पूरी कर ली थी।

यात्रियों के लिए जरूरी हिदायतें और सुविधाएं

दुबई एयरपोर्ट्स इस आधुनिक स्कैनिंग तकनीक को अपने व्यापक अपग्रेड प्रोग्राम के हिस्से के रूप में जोड़ रहा है। इस प्रोग्राम में सभी टर्मिनलों पर सेल्फ-सर्विस विकल्प, बायोमेट्रिक प्रोसेसिंग और स्मार्ट पैसेंजर-फ्लो मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी शामिल की जा रही हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने सभी यात्रियों से यह अपील की है कि वे अपनी उड़ान के समय से कम से कम तीन घंटे पहले एयरपोर्ट पर पहुंच जाएं। साथ ही, यात्रा के दौरान सभी साइट-सटीक सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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