Dubai Airports पर हुए हमलों के बावजूद हालात सामान्य, CEO ने दिए बड़े आंकड़े

दुबई एयरपोर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Paul Griffiths ने हाल ही में बड़ा खुलासा किया है कि क्षेत्रीय तनाव के दौरान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इस दौरान एयरपोर्ट को कुल 128 संघर्ष से जुड़े खतरों का सामना करना पड़ा, जिसमें 111 एरियल थ्रेट अलर्ट और 17 बैलिस्टिक मिसाइल हमले शामिल थे। इन खतरनाक हालातों के बावजूद एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा तंत्र ने गजब की मजबूती दिखाई और स्थिति को संभाला।
यात्रियों की सुरक्षा और मामूली नुकसान
अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक इन हमलों की वजह से एयरपोर्ट परिसर में ज्यादातर जगहों पर बहुत मामूली नुकसान ही देखा गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एयरपोर्ट पर किसी भी यात्री या कर्मचारी की जान जाने की खबर सामने नहीं आई। जिन लोगों को भी मामूली चोटें आईं उनका तुरंत इलाज कराया गया और वे सभी अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था कितनी सतर्क है।
यात्री यातायात और उड़ानों पर असर
इस क्षेत्रीय संघर्ष की वजह से उड़ानों के संचालन और यात्रियों की आवाजाही पर अस्थायी तौर पर काफी असर पड़ा था। साल 2026 के पहले छह महीनों के दौरान DXB ने कुल 31.5 मिलियन यात्रियों को संभाला। महीने के हिसाब से देखें तो मार्च के महीने में यात्रियों की संख्या घटकर 2.5 मिलियन रह गई थी, जो बाद में जून में बढ़कर 5 मिलियन और जुलाई में 6.3 मिलियन तक पहुंच गई। इस बारे में अधिक जानकारी WAM की आधिकारिक रिपोर्ट में दी गई है।
लक्ष्य में बदलाव और भविष्य की तैयारी
अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष के कारण गल्फ एयरस्पॉट को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा था, जिसके चलते दुबई एयरपोर्ट्स ने अपने साल 2026 के यात्री ट्रैफिक लक्ष्य को संशोधित कर दिया है। पहले यह अनुमान 100 मिलियन यात्रियों का था जिसे अब घटाकर लगभग 70 मिलियन कर दिया गया है। एयरलाइन की क्षमता इस समय युद्ध से पहले के स्तर का 84 प्रतिशत तक वापस आ चुकी है, जबकि यात्रियों की संख्या 78 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एयरपोर्ट का लक्ष्य है कि वह साल 2027 के अंत तक अपने पुराने 100 मिलियन यात्री लक्ष्य को फिर से हासिल कर ले।