नाबालिग लड़की से यौन शोषण करने वाले व्यक्ति की एक साल की जेल और दुबई से निर्वासन की सजा बरकरार

दुबई: दुबई कोर्ट ऑफ अपील ने एक 13 साल की बच्ची के यौन शोषण के दोषी व्यक्ति की एक साल की जेल और उसके बाद देश से निर्वासन की सजा को सही ठहराया है। यह फैसला 15 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
मामले की जांच अल कुसैस पुलिस स्टेशन द्वारा की गई थी। आरोपी ने बच्ची की कम उम्र का फायदा उठाते हुए उसके साथ बिस्तर पर एक ही कंबल के नीचे लेटकर उसका यौन शोषण किया था। उसने अपना सिर बच्ची की छाती पर रखा और उसके कंधे पर हाथ डाला था।
पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने आरोपी पर संघीय डिक्री-कानून नंबर 31 (2021) की धारा 126(1) और 407(1-3) के तहत यौन शोषण का मामला दर्ज किया था। इस कानून में संघीय डिक्री-कानून नंबर 36 (2022) के जरिए संशोधन भी किए गए थे।
अपील के दौरान आरोपी ने इन आरोपों से इनकार किया और अपनी रिहाई या सजा कम करने की मांग की। उसके वकील ने दलील दी कि सबूत पर्याप्त नहीं हैं और आरोपी की आपराधिक मंशा साबित नहीं हुई है।
कोर्ट ने पब्लिक प्रॉसिक्यूशन की जांच के दौरान आरोपी के बयानों, बच्ची के माता-पिता की गवाही और जनरल डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक साइंस एंड क्रिमिनोलॉजी की फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा की। अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने सबूतों का सही आकलन किया था और फैसला कानूनी आधार पर दिया गया था।
अदालत ने प्रक्रियात्मक आधार पर अपील को स्वीकार तो किया, लेकिन मेरिट के आधार पर इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने दोषी की सजा पलटने का कोई आधार नहीं पाया, जिससे एक साल की जेल और निर्वासन का आदेश लागू रहा। इस मामले से जुड़ा एक अलग सिविल दावा अब सक्षम सिविल कोर्ट को विचार के लिए भेज दिया गया है।