दुबई के क्राउन प्रिंस ने फ्लाईदुबई पायलट को किया सम्मानित

आसमान में किसी यात्रा के दौरान जब अचानक अप्रत्याशित संकट आ जाए, तो चालक दल की सूझबूझ और बहादुरी ही सैकड़ों जिंदगियों को बचाती है। कुछ ऐसा ही अदम्य साहस दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 के दौरान देखने को मिला था। इस गंभीर सुरक्षा घटना में अपनी जान की परवाह न करते हुए यात्रियों की रक्षा करने वाले कैप्टन स्मित मच्छड़ को दुबई के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने विशेष रूप से मुलाकात कर सम्मानित किया है।
क्या हुआ था हवा में?
यह घटना 30 सितंबर 2026 की है, जब विमान 174 लोगों को लेकर आसमान में उड़ रहा था। यात्रा के दौरान एक भयावह स्थिति तब पैदा हुई जब विमान के सह-पायलट ने कॉकपिट में ही हमला कर दिया। जांच अधिकारियों के अनुसार यह एक सुनियोजित आतंकी कृत्य था, जिसमें सह-पायलट ने विमान पर कब्जा करने की नीयत से कैप्टन पर वार किया था। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छड़ ने हार नहीं मानी और अपनी असाधारण सूझबूझ व हिम्मत से कॉकपिट का दरवाजा खोलकर स्थिति को संभाला। समय रहते यात्रियों और क्रू सदस्यों ने मिलकर हमलावर को काबू में कर लिया, जिससे एक बड़ा विमान हादसा टल गया और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर उतार लिया गया।
नेतृत्व ने की कैप्टन के साहस की सराहना
घायल होने के बाद अबूधाबी में चिकित्सीय देखभाल के तहत स्वास्थ्य लाभ ले रहे कैप्टन मच्छड़ से मिलने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को दुबई के क्राउन प्रिंस पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान शेख हमदान ने कैप्टन के अद्भूत साहस, जिम्मेदारी और मानवीय जीवन के प्रति उनकी निष्ठा की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छड़ ने देश के नेतृत्व की ओर से संयुक्त अरब अमीरात का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना
इस बड़ी सुरक्षा घटना के बाद दुनियाभर के नेताओं ने कैप्टन स्मित मच्छड़ की बहादुरी की जमकर तारीफ की है, जिनमें प्रमुख रूप से भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शामिल हैं। वहीं, सुरक्षा और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के मद्देनजर फ्लाईदुबई ने फिलहाल इजरायल के लिए अपनी उड़ानों को स्थगित कर दिया है, जबकि इस हमले के पीछे के असल कारणों और साजिश का पता लगाने के लिए गहन जांच लगातार जारी है।