Dubai में बड़ा फैसला, री-एक्सपोर्ट और ट्रांजिट गुड्स पर कस्टम ड्यूटी सस्पेंशन 180 दिन हुआ.

दुबई के कारोबारियों और वहां काम करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। Dubai Customs ने उन सामानों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी के सस्पेंशन पीरियड को 60 दिन और बढ़ा दिया है, जिन्हें री-एक्सपोर्ट के लिए लाया जाता है या फिर जो ट्रांजिट में होते हैं। इस नए फैसले के बाद अब कुल सस्पेंशन विंडो बढ़कर सीधे 180 दिन यानी छह महीने की हो गई है। यह नियम इसी साल 24 सितंबर 2026 से लागू कर दिया गया है, जिससे वहां व्यापार करने वाले छोटे और बड़े सभी कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।
किन सामानों और तारीखों पर लागू होगा यह नियम
अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह बढ़ा हुआ समय उन सभी कस्टम घोषणाओं पर लागू होगा जो 27 फरवरी 2026 से लेकर 31 अक्टूबर 2026 के बीच खत्म होने वाली थीं। इस पहल का मुख्य मकसद व्यापारियों पर पड़ने वाले आर्थिक और कागजी बोझ को कम करना है। इसके साथ ही, ग्लोबल स्तर पर आ रही व्यापारिक दिक्कतों के बीच सप्लाई चेन को मजबूत करना और कारोबार को बिना किसी रुकावट के चलाना है। इस पूरी पॉलिसी को दुबई कस्टम्स के आधिकारिक Mirsal 2 portal के जरिए चलाया जा रहा है, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
छोटे कारोबारियों और कंपनियों को होगा सीधा फायदा
यह राहत कार्यक्रम खासतौर पर उन सेक्टरों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो कमर्शियल री-एक्सपोर्ट, इंडस्ट्रियल इनपुट और छोटे व मध्यम उद्योगों यानी SMEs के व्यापार से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, प्राधिकरण ने यह भी साफ किया है कि कस्टम्स की मंजूर सुविधाओं के तहत बैंक गारंटी को या तो कम किया जा सकता है या फिर आगे के लिए टाला जा सकता है। बता दें कि मुख्य भूमि पर मानक कस्टम ड्यूटी अभी भी सामान की CIF वैल्यू का 5% तय है। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी इस योजना का फायदा 6,600 से ज्यादा कंपनियों को मिल चुका है, और इस बार भी इसका दायरा काफी बड़ा है जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों और कारोबारियों को राहत मिलेगी।