Dubai DMCC: दुबई में बढ़ रहा है चीनी कंपनियों का दायरा, एक साल में आई 9.4 फीसदी की तेजी.

Aanya17 September 20262 min read29 viewsUAE
Dubai DMCC: दुबई में बढ़ रहा है चीनी कंपनियों का दायरा, एक साल में आई 9.4 फीसदी की तेजी.

दुबई मल्टी कमोडिटीज सेंटर यानी DMCC ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके मुताबिक पिछले 12 महीनों में उनके यहां चीनी बिजनेस कम्युनिटी में 9.4 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। यह जानकारी चीन के तीन प्रमुख शहरों शंघाई, वूशी और शीआन में आयोजित 'मेड फॉर ट्रेड लाइव' रोडशो के बाद सामने आई है, जिसका मुख्य उद्देश्य यूएई और चीन के बीच व्यापार और निवेश को तेजी से आगे बढ़ाना था। इस विकास से दुबई में काम करने वाले व्यापारियों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए रोजगार और बिजनेस के नए रास्ते खुल रहे हैं।

दुबई में सक्रिय हैं 1000 से ज्यादा चीनी कंपनियां

मौजूदा समय में 1,000 से अधिक चीनी कंपनियां DMCC के तहत अपना कारोबार चला रही हैं। इनमें से करीब 60 फीसदी से ज्यादा कंपनियां ऊर्जा, इंजीनियरिंग, मशीनरी, टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी हुई हैं। यह बदलाव साफ तौर पर यह दिखाता है कि अब दोनों देशों के बीच व्यापार का रुख पारंपरिक चीजों से हटकर आधुनिक तकनीक और इंडस्ट्री की तरफ तेजी से बढ़ रहा है।

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द्विपक्षीय व्यापार में रिकॉर्ड उछाल

साल 2025 में यूएई और चीन के बीच गैर-तेल द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर US$111.5 बिलियन के आंकड़े पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 24.5 फीसदी ज्यादा है। DMCC के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ Ahmed Bin Sulayem ने बताया कि इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी की वजह से चीनी कंपनियां दुबई के जरिए अपने कारोबार को और बड़े स्तर पर फैला रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शंघाई, वूशी और शीआन शहरों को रोडशो के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि वहां का माहौल दुबई के बिजनेस एनवायरनमेंट से मेल खाता है।

महत्वपूर्ण समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

इस रोडशो के दौरान DMCC ने शीआन चैंबर ऑफ कॉमर्स और शंघाई पुडोंग सर्विस सेंटर फॉर ओवरसीज इन्वेस्टमेंट के साथ कई संस्थागत समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का मकसद व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश में सहयोग करना और सही बिजनेस पार्टनर ढूंढने में मदद करना है। टूर के दौरान शंघाई में चीनी भाषा में 'फ्यूचर ऑफ ट्रेड 2026' रिपोर्ट भी लॉन्च की गई, जिससे यह पता चलता है कि ग्लोबल ट्रेड में दक्षिण-दक्षिण व्यापार की हिस्सेदारी अब 35 फीसदी हो गई है।

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