दुबई ने खाद्य सुरक्षा रणनीति 2030 लागू की जिसके तहत सप्लाई चेन सुधारने के लिए पांच पहल होंगी
दुबई ने खाद्य सुरक्षा रणनीति 2030 लॉन्च की है। इसके तहत स्थानीय उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए पांच पहल की जाएंगी।

दुबई: दुबई के क्राउन प्रिंस और एग्जीक्यूटिव काउंसिल के चेयरमैन शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई खाद्य सुरक्षा रणनीति 2030 को मंजूरी दे दी है। दुबई पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण (DECCA) द्वारा पेश किए गए इस रोडमैप का मकसद तकनीकी नवाचार और मजबूत बुनियादी ढांचे के जरिए शहर को टिकाऊ खाद्य सुरक्षा में वैश्विक लीडर बनाना है।
DECCA के महानिदेशक अहमद मोहम्मद बिन थानी ने बताया कि यह रणनीति यूएई की नेशनल फूड सिक्योरिटी स्ट्रेटजी 2051 के अनुरूप है। इसका लक्ष्य ग्लोबल फूड सिक्योरिटी इंडेक्स में शीर्ष स्थान हासिल करना है। इस रणनीति को पांच मुख्य स्तंभों पर टिकाया गया है, जिनमें भोजन की उपलब्धता, सामर्थ्य, गुणवत्ता और सुरक्षा, स्थिरता और उद्योग सशक्तिकरण शामिल हैं।
रणनीति के तहत पांच प्राथमिक पहलों पर काम किया जाएगा। इसमें स्थानीय कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना, मत्स्य पालन और पशुधन क्षेत्रों का विस्तार करना और छोटे किसानों को सहायता देना शामिल है। सरकार खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए आयात बाजारों में विविधता लाएगी। वैश्विक व्यवधानों के असर को कम करने के लिए हर प्रमुख खाद्य श्रेणी के लिए तीन से पांच वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं को सुरक्षित किया जाएगा।
इसके अलावा, खाद्य बर्बादी को कम करने और स्वस्थ उपभोग पैटर्न को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई गई है। एग्रीटेक (AgriTech) क्षेत्र के लिए आर्थिक सहायता और शासन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। इसके लिए एक निवेशक सूचना प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा और मौजूदा फूड सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म को बेहतर बनाया जाएगा।
शहर जलवायु परिवर्तन के दबाव और बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए एक अनुकूल खाद्य पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करेगा। इसके लिए अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का लाभ उठाया जाएगा।