Dubai में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट को लेकर हुई बड़ी बैठक, UAE और भारत के रिश्तों पर हुई खास चर्चा।

दुबई में भारतीय व्यवसायियों और निवेशकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के आर्थिक हालातों और भविष्य के निवेश को लेकर विस्तार से बातचीत की गई। IBPC Dubai और Standard Chartered ने मिलकर 14 सितंबर 2026 को दुबई में 'Outlook H2 2026: Navigating Shifting Sands' नाम से एक बड़े सम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन में कई बड़े व्यापारी, निवेशक और धन प्रबंधन के पेशेवर लोग शामिल हुए ताकि यह समझ सकें कि आने वाले महीनों में अपने पैसे को कहां और कैसे निवेश करना सुरक्षित रहेगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि आज के समय में बदलती दुनिया, पैसों के लेन-देन के नियम और महंगाई के बीच कैसे सही फैसला लिया जाए।
भविष्य के निवेश और यूएई की मजबूत स्थिति
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए IBPC Dubai के वित्तीय सेवा समूह के संयोजक Sunny Narang ने कहा कि आज के समय में जब पूरी दुनिया में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, ऊंचे ब्याज दर और राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है, तब निवेशकों को बहुत सोच-समझकर लंबे समय के लिए पैसे लगाने की जरूरत है। इसके बाद Standard Chartered के बड़े अधिकारी Rajesh Kannan ने बताया कि कैसे हमारा UAE हर मुश्किल समय में मजबूत बनकर उभरा है। उन्होंने भारत और यूएई के बीच पुराने और गहरे होते रिश्तों की भी जमकर तारीफ की, जिससे दोनों देशों के कारोबारियों को बहुत फायदा मिल रहा है। सम्मेलन के दौरान बैंक के मुख्य निवेश अधिकारी Manpreet Gill ने बाजार का हाल बताते हुए कहा कि आज के समय में 10 साल का असली मुनाफा साल 2008 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते अच्छी कंपनियों के बॉन्ड में पैसा लगाना एक बहुत ही समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है।
सुरक्षित निवेश और परिवार के पैसों का हिसाब
कार्यक्रम के दूसरे हिस्से में एक खास पैनल चर्चा रखी गई जिसकी कमान Rashi Mohnot ने संभाली। इस चर्चा में Manpreet Gill के अलावा Mirae Asset Investment Managers (India) के मुखिया Swarup Anand Mohanty और KAAF Investments के मुख्य वित्तीय अधिकारी Nandi Vardhan Mehta ने भी अपने विचार रखे। Swarup Anand Mohanty ने बताया कि कैसे भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और यहां महंगाई कम होने के साथ-साथ शेयर बाजार में नई कंपनियों के आने का सिलसिला भी तेजी से चल रहा है, जो निवेशकों को अपनी तरफ खींच रहा है। वहीं Nandi Vardhan Mehta ने एक बड़े सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि मध्य पूर्व के अमीर परिवारों की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा यानी 50 प्रतिशत हिस्सा उत्तरी अमेरिका में लगाया गया है, जबकि 20 प्रतिशत हिस्सा यूरोप के बाजारों में निवेश किया गया है। इस पूरी बैठक से दुबई और खाड़ी देशों में रहने वाले उन तमाम प्रवासी भारतीयों को भी एक नई दिशा मिली है जो अपने कठिन मेहनत की कमाई को सुरक्षित जगहों पर निवेश करना चाहते हैं।