Dubai में डॉक्टरों और इन्फ्लुएंसर्स के लिए कड़े विज्ञापन नियम लागू, भ्रामक प्रचार करने पर होगी कार्रवाई.

दुबई हेल्थ अथॉरिटी यानी DHA ने सोशल मीडिया पर हेल्थ सेक्टर के विज्ञापनों को लेकर बहुत सख्त नियम बना दिए हैं। इस नए बदलाव से उन सभी डॉक्टरों, क्लीनिक, अस्पतालों और हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स पर लगाम कसेगी जो सोशल मीडिया पर गलत या बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी देते हैं। इस नीति को आधिकारिक तौर पर सर्कुलर नंबर CIR-2026-00000144 के जरिए 17 अगस्त 2026 को लागू किया गया है, ताकि मेडिकल प्रमोशन में ईमानदारी बनी रहे और हेल्थ सेक्टर की साख पर कोई आंच न आए। इस बारे में अधिक जानकारी आप DHA Circulars पर जाकर देख सकते हैं।
विज्ञापनों में इन शब्दों के इस्तेमाल पर पूरी पाबंदी
नए नियमों के तहत अब विज्ञापनों में किसी भी तरह के बढ़ा-चढ़ाकर बोलने वाले या भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इनमें चमत्कारी, जादुई, सबसे अच्छा, सबसे सुरक्षित, अभूतपूर्व, 100 प्रतिशत या पैसे वापस करने जैसी बातें शामिल हैं जिन पर सरकार ने रोक लगा दी है। इसके अलावा मेडिकल प्रोफेशनल्स केवल वही उपाधियां अपने नाम के साथ लगा सकते हैं जो उनके DHA लाइसेंस पर आधिकारिक तौर पर दर्ज हैं। अब कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से 'कॉस्मेटिक स्पेशलिस्ट' या 'ब्यूटी एक्सपर्ट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा। डॉक्टर या 'डॉ' शब्द का इस्तेमाल केवल वही लोग कर सकेंगे जो योग्य फिजिशियन, डेंटिस्ट या पीएचडी धारक हैं।
मरीजों की फोटो और वीडियो के लिए लिखित अनुमति जरूरी
अगर कोई डॉक्टर या अस्पताल किसी मरीज की तस्वीर या अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर करना चाहता है, तो उसके लिए मरीज की लिखित सहमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि मरीज की उम्र 18 साल से कम है, तो उसके माता-पिता की सहमति लेना जरूरी होगा। इलाज से पहले और बाद की तस्वीरों के मामले में भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। ये तस्वीरें बिना किसी एडिटिंग के होनी चाहिए, जिनमें एक जैसे लेंस और एक ही व्यक्ति का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही यह डिस्क्लेमर लिखना भी जरूरी है कि हर मरीज पर नतीजे अलग-अलग हो सकते हैं। इसके अलावा DHA ने यह भी साफ कर दिया है कि ऑपरेशन थिएटर के अंदर जब मरीज बेहोश हो या उसका इलाज चल रहा हो, तब किसी भी तरह की वीडियोग्राफी या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकती है। सरकारी लोगो का इस्तेमाल बिना पहले से लिखित अनुमति के बिल्कुल नहीं किया जा सकता है।
मेडिकल डायरेक्टर की होगी पूरी जिम्मेदारी
इन सभी नियमों का पालन कराने के लिए अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर की भूमिका बहुत अहम कर दी गई है। अब अस्पताल या क्लीनिक से जुड़ा हर एक सोशल मीडिया पोस्ट मेडिकल डायरेक्टर की मंजूरी के बाद ही पब्लिश किया जाएगा। इसके अलावा स्टाफ को ट्रेनिंग देना और भविष्य में ऑडिट के लिए सभी पोस्ट का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। जो हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स किसी स्वास्थ्य सेवा का प्रचार करते हैं, उन्हें भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका कंटेंट संबंधित अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर द्वारा जांचा गया हो। यह नियम डॉक्टरों के पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी पूरी तरह लागू होते हैं। DHA की इन प्राथमिकताओं के तहत यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।