Dubai Indian Consulate ने उठाया बड़ा कदम, लेबर शोषण रोकने के लिए लगाया वॉक-इन लीगल कैंप.

दुबई में रहने वाले भारतीय कामगारों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। Consulate General of India in Dubai ने भारतीय नागरिकों के लिए एक विशेष वॉक-इन लीगल काउंसलिंग कैंप आयोजित करने की घोषणा की है। यह कैंप सोमवार, 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2:00 बजे से 4:30 बजे तक Consulate Auditorium में आयोजित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हमारे उन कामगारों को सीधी कानूनी सहायता देना है जो किसी न किसी परेशानी में फंसे हैं और जिन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए किसी बिचौलिए या अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी।
Seva Pakhwada के तहत विशेष कानूनी मदद
यह कानूनी सहायता अभियान व्यापक 'Seva Pakhwada' पखवाड़े के तहत चलाया जा रहा है। इस दौरान बहरीन, कुवैत और यूएई में भारतीय मिशनों द्वारा कई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों में मनामा में एक विक्रसित भारत रन और पार्क की सफाई, कुवैत में वृक्षारोपण अभियान और अबू धाबी में स्कूली बच्चों और व्यापार संघों से जुड़े सेवा पर्व कार्यक्रम शामिल हैं। इस पूरे अभियान का मकसद प्रवासी भारतीयों के जीवन को आसान बनाना और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
फर्जी एजेंटों और बायोमेट्रिक धोखाधड़ी से सावधान
यह कैंप उस गंभीर स्थिति के बाद आया है जिसके बारे में कंसुलेट ने अगस्त के आखिरी हफ्ते में चेतावनी जारी की थी। अधिकारियों ने बताया था कि कुछ unauthorized एजेंट इमरजेंसी सर्टिफिकेट, वीजा रेगुलराइजेशन या नौकरी दिलाने के नाम पर भारतीय ब्लू-कॉलर वर्करों के पासपोर्ट, एमिरेट्स आईडी और बायोमेट्रिक डेटा चुरा रहे हैं। इन धोखेबाजों में चेहरे, आंखों और उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट) तक स्कैन किए जा रहे हैं। कंसुलेट ने साफ किया है कि इन सेवाओं के लिए किसी भी तरह का बायोमेट्रिक डेटा कलेक्ट नहीं किया जाता है और ऐसी हरकतें पूरी तरह से फर्जी हैं।
इस तरह के फ्रॉड में फंसने वाले पीड़ितों को अक्सर unauthorized लोन, पैसों के लेन-देन के झमेले, ट्रेवल बैन और यहां तक कि जेल की सजा का सामना करना पड़ता है। ये घोटाले दुबई, शारजाह और अजमान में रहने वाले कमजोर कामगारों को लगातार अपना शिकार बना रहे हैं। इनमें वे लोग ज्यादा परेशान हैं जिन्होंने इस साल की शुरुआत में पश्चिम एशिया की गड़बड़ी के दौरान अपने दस्तावेज खो दिए थे या जिन्हें उनके स्पॉन्सर ने बीच में छोड़ दिया है।
GCC देशों में भारतीय प्रवासियों की स्थिति
भारतीय मिशनों की रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं। इनमें अकेले यूएई में 43 लाख, सऊदी अरब में 27 लाख, कतर में 8 लाख से अधिक, ओमान में 6.7 लाख, बहरीन में 3.1 लाख और यमन में कुछ संख्या में भारतीय शामिल हैं। यह लीगल कैंप मुख्य रूप से अनपेड एंड-ऑफ़-सर्विस बेनिफिट्स, जब्त किए गए पासपोर्ट और शोषणकारी अनुबंध प्रथाओं जैसी पुरानी समस्याओं को दूर करने के लिए काम करेगा।
यदि किसी भी व्यक्ति को बायोमेट्रिक या वीजा धोखाधड़ी का शक है, तो वे तुरंत मदद ले सकते हैं। इसके लिए कंसुलेट ने Pravasi Bharatiya Sahayata Kendra की सुविधा दी है। आप टोल-फ्री नंबर 80046342 पर कॉल कर सकते हैं या फिर WhatsApp और SMS के जरिए +971 54 309 0571 पर संपर्क कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी Consulate General of India, Dubai (@cgidubai, 20 September 2026), Akashvani News (19 September 2026) और CGI Dubai की 31 अगस्त 2026 की पब्लिक एडवाइजरी से ली गई है।