एक भाई ऐसा भी होता है, जिसे हर भाई की अर्थी को कंधा देना पड़ता है: Dubai King के लिए आज यही सत्य हैं।

Lov Singh21 September 20261 min read23 viewsUAE
एक भाई ऐसा भी होता है, जिसे हर भाई की अर्थी को कंधा देना पड़ता है: Dubai King के लिए आज यही सत्य हैं।

ज़रा सोचिए इस दर्द को। एक इंसान, जो अपनी ज़िंदगी में एक बार नहीं, बार-बार अपने ही खून को मिट्टी में उतारते देखे। हर बार दिल पर पत्थर रखे, हर बार कंधा दे, हर बार कब्र के किनारे खड़ा होकर बस यही दुआ करे — "या अल्लाह, अब और नहीं।" और फिर भी वक़्त एक और दिन लेकर आता है, एक और खबर, एक और सफेद कफन।

यही वो दर्द है जो आज शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दिल से गुज़र रहा होगा। अपने छोटे भाई शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम को अलविदा कहते हुए — फिर से वही कंधा, फिर से वही आंसू, फिर से वही खामोश दुआ।

एक शासक के लिए यह सबसे मुश्किल घड़ी होती है — जब पूरा देश आपकी तरफ देख रहा हो, हर आंख आपके चेहरे पर सब्र ढूंढ रही हो, और अंदर से आप खुद टूट रहे हों। पर फिर भी, वो खड़े रहते हैं। दुआ करते हैं। सर झुकाते हैं। और यही असली ताकत है — दर्द को दिल में रखकर भी, दुनिया के सामने सब्र की मिसाल बनना।

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"हे अल्लाह, हमें और हमारे शासक को सब्र और सुकून अता कर। शेख मोहम्मद, आपकी उम्र दराज़ हो, आपका साया हम पर बना रहे। और शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम को अपनी रहमत से नवाज़, उन्हें जन्नत के वसीह बागों में जगह दे। आमीन।"

🤲 इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन — हम अल्लाह के हैं, और उसी की तरफ लौटकर जाना है।

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